कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली ने अहमदाबाद को 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंप दी है। लगभग 20 साल बाद भारत दूसरी बार इस बड़े आयोजन की मेजबानी करेगा। कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को लेकर बिहार के भागलपुर के डीएम, जिला खेल पदाधिकारी, एथलेटिक्स कोच और खिलाड़ियों ने प्रतिक्रिया दी है।
उनका कहना है कि 2010 में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने लगभग 101 मेडल जीतकर इतिहास रचा था। इस बार कुछ नया और अद्भुत होगा। हाल के दिनों में बिहार को खेलो इंडिया गेम्स की मेजबानी का मौका मिला था, जिससे खेल के प्रति एक माहौल बना है।
बिहार में स्पोर्ट्स एकेडमी और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी शुरू हुई हैं। भागलपुर के डीएम नवल किशोर चौधरी, जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण कुमार, एथलेटिक्स कोच नसर आलम और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने कहा कि 20 साल बाद भारत को फिर से खेल जगत में जलवा दिखाने का मौका मिलेगा।
भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी का कहना है कि भागलपुर को खेलो इंडिया की मेजबानी करने का मौका मिला था। इससे खिलाड़ियों और बच्चों में काफी उत्साह है। हम उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बच्चे तैयारी कर रहे हैं। हम खेल विभाग की ओर से सहायता प्रदान करवा रहे हैं, ताकि हमारे खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तैयार हो सकें। हम पंचायत और गांव स्तर पर मैदान उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों को कोच की जरूरत पड़ेगी तो उसकी भी व्यवस्था करेंगे।
भागलपुर में एथलेटिक्स कोच मोहम्मद नजर आलम का कहना है कि गर्व महसूस होता है कि भारत की विश्व स्तर पर पहचान बनी है। हमें दूसरी बार मेजबानी का मौका मिला है। मेजबानी के लिए कई देश दावेदार थे, फिर भी भारत को यह जिम्मेदारी मिली। इसका मतलब है कि खेल के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में अपनी जगह बनाई है। ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और मेडल की संख्या भी बढ़ेगी।
बिहार में सरकार ने योजना चलाई है, "मेडल लाओ, नौकरी पाओ।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का युवाओं के लिए विजन स्पष्ट है। गुजरात में खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं मिली हैं। बिहार सरकार भी इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।
एथलीट मोहम्मद गुलरेज का कहना है कि अच्छा लगा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है। आगे चलकर ओलंपिक भी होने वाला है। उससे पहले होने वाला कॉमनवेल्थ गेम्स बच्चों को प्रेरणा देगा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार खेल को लेकर अच्छा काम कर रही है और प्रधानमंत्री खेल को बढ़ावा दे रहे हैं।
बिहार में सरकार ने योजना चलाई है, "मेडल लाओ, नौकरी पाओ।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का युवाओं के लिए विजन स्पष्ट है। गुजरात में खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं मिली हैं। बिहार सरकार भी इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।
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भागलपुर के स्पोर्ट्स ऑफिसर जय नारायण कुमार ने कहा कि यह भारत के गौरव का क्षण है कि भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स होने वाले हैं। खिलाड़ी, कोच ही नहीं बल्कि पूरा देश खुश है कि हमें यह जिम्मेदारी दी गई है। भारत पहले भी इसकी मेजबानी कर चुका है। तब भारत ने 101 मेडल जीते थे। अभी भारत में तरह-तरह की योजनाओं के जरिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस बार भारत नंबर वन पर पहुंचेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेल को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। भारत लगभग हर खेल की मेजबानी कर चुका है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा योगदान है।