छत्तीसगढ़ में पहली बार 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मयंक श्रीवास्तव का कहना है कि जनजातीय वर्ग के खिलाड़ियों में अपार प्रतिभा है और वह सिर्फ अवसर की तलाश में थे, जो उन्हें खेलो इंडिया के माध्यम से अब मिल रहा है।
मयंक श्रीवास्तव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "खेलो इंडिया की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में साल 2018 में हुई। शुरुआत में हम सिर्फ 4 गेम्स कराते थे। हमारे खेल मंत्री मनसुख मांडविया का विचार था कि ये गेम्स पूरी तरह से स्थापित हो। ऐसे में हमें खेलों का दायरा बढ़ाना चाहिए। इसका दायरा भौगोलिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ाए। भौगोलिक स्तर पर भी हम अभी खेलों इंडिया का आयोजन नॉर्थ-ईस्ट की तरफ भी करेंगे। इसको लेकर योजना बनाई जा रही है।"
छत्तीसगढ़ में पहली बार 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मयंक श्रीवास्तव का कहना है कि जनजातीय वर्ग के खिलाड़ियों में अपार प्रतिभा है और वह सिर्फ अवसर की तलाश में थे, जो उन्हें खेलो इंडिया के माध्यम से अब मिल रहा है।
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मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि जनजातीय वर्ग में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें अवसर नहीं मिल सके हैं। हमारा यह पूर्ण रूप से मानना है कि जनजातीय वर्ग में अपार प्रतिभा है और उन्हें अब तक केवल अवसर की बाध्यता रही है। उस बाध्यता को अब हमने खत्म कर दिया है और 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन किया है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में किया जा रहा है। अलग-अलग खेलों में करीब 3700 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।