सोबो जायंट्स ने शूटिंग लीग ऑफ महाराष्ट्र का खिताब जीत लिया है। यह लीग का पहला संस्करण था। एक कड़े मिश्रित टीम फाइनल में, सोबो जायंट्स ने पालघर गोल्डन फिंगर के खिलाफ 17-7 से निर्णायक जीत हासिल की। आमही पुणेकर ने सांगली अल्फा लायंस को 16-14 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।
यह लीग शूटिंग लीग ऑफ इंडिया (एसएलआई) के विकास में महत्वपूर्ण है। एसएलआई इस खेल के लिए एक संरचनात्मक रास्ता बनाने में मदद करती है। इस साल की शुरुआत में कर्नाटक शूटिंग लीग के सफल लॉन्च के बाद, एसएलएम अब भारत में दूसरी राज्यस्तरीय लीग है। यह पूरे देश में खेल के लिए एक बड़े आयोजन श्रृंख्ला की शुरुआत है। इस राज्यस्तरीय लीग शूटिंग लीग ऑफ इंडिया के लंबे समय के विजन के लिए जरूरी हैं। इसका मकसद खेल और इसके प्रशंसकों की संख्या को बढ़ाना है।
लीग पूरे महाराष्ट्र से नए और जाने-माने निशानेबाजों को एक साथ लायी, जिसमें टियर 2 और टियर 3 शहरों के प्रतिभागियों पर खास जोर दिया गया। लीग ने यह भी दिखाया कि कैसे एक टीम और फॉर्मेट आधारित लीग जमीनी स्तर पर भागीदारी को श्रेष्ठ प्रदर्शन से जोड़ सकता है। प्रतियोगिता और मनोरंजन को मिलाकर एसएलएम ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जो प्रतिभा को प्रदर्शित और प्रेरित करता है।
ओलंपियन और भारत की लोकप्रिय शूटर रहीं अंजलि भागवत ने कहा, "यह फॉर्मेट और अनुभव निश्चित रूप से शूटिंग लीग ऑफ इंडिया को बनाने में मदद करेगा। यह प्रतिभाओं को निखारने और निशानेबाजों को खेल की जरूरतों के लिए तैयार करने का सबसे अच्छा तरीका है, खासकर उन्हें लाइव ऑडियंस के सामने मैच के दबाव में डालकर।"
लीग पूरे महाराष्ट्र से नए और जाने-माने निशानेबाजों को एक साथ लायी, जिसमें टियर 2 और टियर 3 शहरों के प्रतिभागियों पर खास जोर दिया गया। लीग ने यह भी दिखाया कि कैसे एक टीम और फॉर्मेट आधारित लीग जमीनी स्तर पर भागीदारी को श्रेष्ठ प्रदर्शन से जोड़ सकता है। प्रतियोगिता और मनोरंजन को मिलाकर एसएलएम ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जो प्रतिभा को प्रदर्शित और प्रेरित करता है।
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जाने-माने भारतीय शूटर रौनक पंडित ने कहा, "इस तरह की लीग शूटिंग को ज्यादा दिलचस्प और आसान बनाने के लिए जरूरी हैं। इसका मकसद खेल को सिर्फ तकनीकी मानने की सोच से आगे बढ़कर इसे लोगों के करीब लाना है। महाराष्ट्र में पहले से ही बहुत ज्यादा प्रतिभाएं हैं। इस तरह ही लीग उन्हें और निखारेगी।"