वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भिवानी की बॉक्सर बेटियां छा गई हैं। यहां की बेटियों ने चैंपियनशिप में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में 2024 ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट जूलिया को मात देकर गोल्ड अपने नाम किया।
जैस्मिन को उनके पिता संदीप लंबोरिया ने कोचिंग दी है। बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्होंने आईएएनएस से कहा, "शनिवार को जैस्मिन ने फाइनल मैच जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। उनका गोल्ड मेडल मुकाबला पोलैंड की बॉक्सर के खिलाफ था, जो पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुकी थीं। इस मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए जैस्मिन ने गोल्ड जीता।"
संदीप लंबोरिया ने कहा, "जैस्मिन ने चैंपियनशिप में जाने से पहले ही ठान लिया था कि उन्हें गोल्ड जीतना है। उन्होंने अपने वादे को पूरा किया है। जब जैस्मिन अपने घर लौटेंगी, तो हम उनका जोरदार स्वागत करेंगे। भिवानी की तीन बेटियों ने मिलकर गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। युवा खिलाड़ियों को भी इनसे सीख लेनी चाहिए। जैस्मिन ओलंपिक वेट कैटेगरी में मेडल जीतने वाली इकलौती भारतीय बॉक्सर हैं। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। अगले वर्ष एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स खेले जाने हैं, जिसमें जैस्मिन गोल्ड जीतकर देश को गौरवान्वित करना चाहेगी।"
जैस्मिन को उनके पिता संदीप लंबोरिया ने कोचिंग दी है। बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्होंने आईएएनएस से कहा, "शनिवार को जैस्मिन ने फाइनल मैच जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। उनका गोल्ड मेडल मुकाबला पोलैंड की बॉक्सर के खिलाफ था, जो पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुकी थीं। इस मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए जैस्मिन ने गोल्ड जीता।"
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वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 20 भार वर्ग (10 पुरुष, 10 महिलाएं) होते हैं। इनमें से 14 ओलंपिक वेट कैटेगरी हैं। जैस्मिन ओलंपिक वेट कैटेगरी में जीतने वाली इकलौती भारतीय बॉक्सर हैं। अब जैस्मिन अगले साल होने वाले एशियन व कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी करेंगी।