जम्मू-कश्मीर की कप्तानी कर रहे 41 वर्षीय पारस डोगरा ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है और खुद को खास क्लब में शामिल कर लिया। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर के नाम थी। सेमीफाइनल मुकाबले में दबाव के बीच खेली गई उनकी पारी ने इस रिकॉर्ड को और यादगार बना दिया।
हिमाचल प्रदेश में जन्मे पारस डोगरा ने सोमवार (16 फरवरी) को रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सेमीफाइनल मुकाबले में इतिहास रच दिया। उन्होंने बंगाल के खिलाफ कल्याणी में खेले जा रहे इस मैच के दौरान अपने 10,000 रन पूरे करते हुए टूर्नामेंट के 92 साल के इतिहास में यह कारनामा करने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए।
दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर की शुरुआत खराब रही और टीम ने 13 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद नंबर चार पर उतरे डोगरा ने अब्दुल समद के साथ मिलकर पारी को संभाला और अहम साझेदारी निभाई। अपनी पारी के 11वें रन के साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया, जो उनका रणजी करियर का 147वां मैच था।