आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शनिवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के हालिया फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान और बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के बीच क्रिकेट से जुड़े समझौते को रद्द करना बीसीसीआई का एक सराहनीय कदम है।
मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा कि बीसीसीआई ने यह निर्णय भारत के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक, दोनों समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। मैं बीसीसीआई के इस फैसले का स्वागत करता हूं। यह एक ऐसा कदम है, जिससे यह संदेश जाता है कि देश की जनता की भावनाएं सर्वोपरि हैं और उनसे समझौता नहीं किया जा सकता।
इस दौरान मौलाना ने अभिनेता शाहरुख खान के समर्थन में भी खुलकर बयान दिया। शाहरुख खान को 'गद्दार' कहे जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि शाहरुख खान देश के गद्दार नहीं, बल्कि एक वफादार नागरिक हैं। शाहरुख खान न सिर्फ भारत की मशहूर शख्सियत हैं, बल्कि उन्होंने अपने काम और व्यवहार से देश का नाम दुनिया भर में रोशन किया है।