मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने पूर्व महिला क्रिकेटरों के लिए एक खास वित्तीय सहायता योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना का उद्देश्य उन खिलाड़ियों की मदद करना है, जिन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाता।
इस नई योजना के तहत, मध्य प्रदेश की पूर्व महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को हर महीने 12,500 रुपए दिए जाएंगे। वहीं घरेलू स्तर पर खेलने वाली खिलाड़ियों को उनके खेले गए मैचों की संख्या के आधार पर 6,000 से 10,000 रुपए तक की मदद मिलेगी। यह योजना 1 अप्रैल से लागू हो गई है। एमपीसीए की संयुक्त सचिव अरुंधति किरकिरे ने 'आईएएनएस' को बताया कि यह योजना लंबे समय से तैयार की जा रही थी। उन्होंने कहा कि नई समिति बनने के बाद से ही इस पर काम शुरू हो गया था और अब इसे लागू होते देख सभी को खुशी हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल में ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी सहयोग मिला।
इस योजना की खास बात यह है कि 75 साल से अधिक उम्र की खिलाड़ियों को हर महीने 7,500 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। इसके लिए खिलाड़ियों को आवेदन करना होगा। यह योजना कर्नाटक (जो 55 वर्ष से अधिक आयु की खिलाड़ियों को 15,000 रुपए पेंशन देगा), बंगाल, गुजरात, बड़ौदा और विदर्भ में पूर्व महिला क्रिकेटरों के लिए पहले से चल रहे इसी तरह के पेंशन कार्यक्रमों में शामिल हो जाएगी। एमपीसीए ने सिर्फ महिला खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि रिटायर्ड पुरुष क्रिकेटर्स और अंपायरों के लिए भी पेंशन बढ़ाने का फैसला किया है। अब जिन पुरुष खिलाड़ियों ने कम मैच खेले हैं, उन्हें भी 7,000 से 12,500 रुपए तक की मासिक सहायता मिलेगी।