मौजूदा समय में किसी विकेटकीपर के लिए विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी में दक्ष होना जरूरी है। बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के आधार पर ही उसे भारतीय टीम में या फिर आईपीएल में मौका मिलता है। एमएस धोनी के आने के बाद विकेटकीपर के लिए बेहतर बल्लेबाज होना आवश्यक हो गया है।
एक दौर था जब विकेटकीपिंग के दम पर कई खिलाड़ी भारत के लिए खेले। विजय यादव का नाम इसमें प्रमुखता से लिया जाता है। अपनी विकेटकीपिंग के दम पर उन्होंने हरियाणा को रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाया था।
विजय यादव का जन्म 14 मार्च 1967 को गोंडा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वह हरियाणा की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेला करते थे। हरियाणा के लिए उन्होंने 1987-88 सत्र में डेब्यू किया था। 1990-91 में हरियाणा ने मुंबई को हराकर रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। उस सीजन एक विकेटकीपर के तौर पर उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने 24 कैच पकड़े और 6 बल्लेबाजों को स्टंप किया था। उसके अगले सीजन विकेट के पीछे उन्होंने 25 शिकार किए। इसका इनाम उन्हें मिला और 1992-93 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर मौका मिला।