T20 World Cup: ज्यादातर क्रिकेटर्स के लिए दुनिया भर की फ्रेंचाइजी टी20 लीग में खेलना अपनी प्रतिभा दिखाने और दूसरे खिलाड़ियों व कोचों से सीखने का मौका होता है, लेकिन फिलहाल विमेंस कैरेबियन प्रीमियर लीग (डब्ल्यूसीपीएल) में बारबाडोस ट्राइडेंट्स की तरफ से खेल रहीं भारतीय ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर के लिए यह अनुभव कुछ अलग है। कंधे की चोट के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहने के दौरान उन्होंने जो नई सोच और नजरिया विकसित किया, अब वह उसे अपनाने और उस पर अमल करने की कोशिश कर रही हैं।
पूजा के लिए सर्जरी की जरूरत वाली चोटें कोई नई बात नहीं हैं। भारत के लिए खेलने से पहले साल 2017 में उनके दाहिने घुटने के एसीएल का रीकन्स्ट्रक्शन हुआ था, और उसके अगले साल उनके बाएं घुटने का दूसरा ऑपरेशन हुआ था। लेकिन 2024 विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के बाद कंधे की सर्जरी ने पूजा के नजरिए को बदल दिया है।
यह सर्जरी उनके कंधे में फटे हुए सुप्रास्पिनैटस टेंडन पर की गई थी। सीओई में रिहैब लगभग 9 महीने तक चला, जिसके बाद हैमस्ट्रिंग की चोट ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उनकी वापसी में देरी कर दी, लेकिन फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने के बाद, वह डब्लूपीएल के आखिरी चरण में आरसीबी के लिए खेलीं, जहां टीम ने खिताब जीता, और तब से उन्होंने हर उस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है जो उनके लिए उपलब्ध रहा है।