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वर्ल्ड कप फ्लैशबैक: जब जिम्बाब्वे ने अपने डेब्यू मैच में ऑस्ट्रेलिया को हराकर किय़ा था बड़ा उलटफेर

By Sahir Usman
May 09, 2019 • 04:36 AM

1983 वर्ल्ड कप रोमांच से भरपूर रहा था और इसमें कई उलटफेर वाले मैच देखने को मिले थे। 9 जून 1983 का दिन वर्ल्ड कप के इतिहास के एक बहुत ही रोमांचक मैच का गवाह बना। उस समय वेस्टइंडीज,इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को हराना बड़ी बात मानी जी थी। लेकिन वर्ल्ड कप ही नहीं वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना पहला मैच खेल रही जिम्बाब्वे की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 13 रन से हराकर किय़ा था बड़ा उलटफेर। 

इंग्लैंड के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए इस मुकाबले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान किम ह्यूज ने टॉस जीतकर जिम्बाब्वे को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया। इसके बाद अली शाह औऱ ग्रांट पीटरसन की ओपनिंग जोड़ी ने मिलकर शानदार शुरुआत की औऱ पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े। पीटरसन के रूप में पहला विकेट गिरने के बाद जिम्बाब्वे की पारी लड़खड़ा और देखते ही देखते 94 रनों पर 5 विकेट गिर गए। 

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इसके बाद बल्लेबाजी करने आए जिम्बाब्वे के कप्तान डंकन फ्लेचर केविन कर्रेन (27) के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 70 रन जोड़े। कर्रेन के आउट होने के बाद इयान बटचार्ट (34*) ने फ्लेचर का साथ निभाया और जिम्बाब्वे ने निर्धारित 60 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 239 रन बनाए। फ्लेचर ने सयंम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 84 गेंद पर नाबाद 69 रनों की शानदार पारी खेली। 

लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरूआत शानदार रही और केपलर वेसेल्स और ग्रैमी वुड की ओपनिंग जोड़ी ने मिलकर पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़े। फ्लेचर ने गेंदबाजी में कमाल करते हुए वुड को जिम्बाब्वें को पहली सफलता दिलाई।

इसके बाद फ्लेचर ने ऑस्ट्रेलिया के कप्तान किम ह्यूज (0) को खाता भी नहीं खोलने दिया। फ्लेचर ने कहर बरपाती गेंदबाजी करते हुए 4 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। जिसके कारण ऑस्ट्रेलिया 60 ओवर में 7 विकेट गवांकर 226 रन ही बना सकी और जिम्बाब्वे ने 13 रन से जीत के साथ वनडे क्रिकेट में एतेहासिक आगाज किया। 

कप्तान फ्लेचर को उनके ऑलराउंडर खेल के लिए मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। बल्लेबाजी में अर्धशतकीय पारी के बाद उन्होंने गेंदबाजी में 11 ओवर में 1 मेडन सहित केवल 42 रन देकर 4 विकेट अपने झोली में डाले थे। 


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