Sachin Tendulkar's Historic Yorkshire Stint: क्या आज किसी को याद है कि यॉर्कशायर के लिए खेलने वाले सबसे पहले भारतीय क्रिकेटर कौन से थे? 1992 में, सचिन तेंदुलकर, यॉर्कशायर के लिए खेलने वाले न सिर्फ पहले भारतीय बने, यॉर्कशायर के पहले विदेशी पेशेवर खिलाड़ी भी बने थे।
एक सदी से भी ज़्यादा तक, यॉर्कशायर की पॉलिसी रही कि सिर्फ़ काउंटी में जन्मे खिलाड़ियों को ही टीम में चुनेंगे जबकि दूसरी तरफ बाकी काउंटी क्रिकेट टीमें, विदेशी स्टार खिलाड़ियों के साथ खेल, अपना रिकॉर्ड बेहतर कर रही थीं। तब भी यॉर्कशायर वाले इसी पॉलिसी पर अड़े रहे लेकिन आखिर में ज्योफ बॉयकॉट की कमेटी ने वोटिंग से फैसला लिया कि एक विदेशी खिलाड़ी को बुलाएंगे।
उसके बाद की अधूरी स्टोरी ही चर्चा में है। वास्तव में ये बड़ी मजेदार लेकिन लगभग अनजान है। काउंटी ने सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया के डीन जोन्स को शॉर्टलिस्ट किया। कप्तान मार्टिन मॉक्सन ने कहा कि टीम को एक विदेशी तेज गेंदबाज की जरूरत है तो ऑस्ट्रेलियाई के क्रेग मैक्डरमॉट को साइन कर लिया। किस्मत देखिए कि बाद में मैक्डरमॉट ने ग्रोइन की चोट के कारण खेलने से इनकार किया तो यॉर्कशायर के पास कोई नहीं था। उन्हें फौरन एक वर्ल्ड-क्लास विदेशी खिलाड़ी की जरूरत थी पर एकदम किसे बुलाते?
तब क्लब ने ब्रैडफोर्ड लीग के अनुभवी खिलाड़ी और ड्यूज़बरी के बिजनेसमैन सुलेमान 'सोली' एडम से संपर्क किया। वजह थी कि उन्होंने कुछ ही दिन पहले, स्पेन विक्टोरिया के लिए, विनोद कांबली को साइन किया था। एडम ने तब यॉर्कशायर को कांबली के साथी स्कूली क्रिकेटर, 19 साल के सचिन तेंदुलकर के नाम का सुझाव दिया (साथ में जावेद मियांदाद का भी पर क्लब ने सचिन को चुना)। सचिन तब एक उभरते इंटरनेशनल स्टार थे, 3 टेस्ट शतक लगा चुके थे, जिसमें एक तो ओल्ड ट्रैफर्ड में लगाया बड़ा मशहूर 100 था।