आईची-नागोया में 2026 एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीमों के रहने के इंतजाम को लेकर पिछले दिनों एक अजीब विवाद सा बना रहा। वजह साफ है कि क्रिकेट स्टार इंटरनेशनल टूर पर शानदार फाइव-स्टार होटलों में रहने के आदी जबकि इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने साफ कर दिया कि क्रिकेटर होने का मतलब ये नहीं कि उन्हें एशियन गेम्स के दौरान रहने के लिए अलग से कोई खास सुविधा मिलेगी।
संदेश बड़ा साफ था: अगर बीसीसीआई को ये मंजूर नहीं और उन्हें अपने खिलाड़ियों को गेम्स के लिए तय जगह के बाहर ठहराना है, तो ऐसा कर लें लेकिन तब होटल, खाना, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और खिलाड़ियों को समय पर वेन्यू तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी बीसीसीआई की ही होगी।
चलो अब यह मामला सुलझ गया है। बीसीसीआई राजी है कि भारत की पुरुष और महिला टीम नागोया में वहीं रहेंगे जहां आयोजकों ने उनके लिए इंतजाम किया है। वैसे आपको बता दें कि 2026 एशियन गेम्स अपने आप में अनोखे हैं और इस तरह के और गेम्स के उलट, यहां कोई एक पारंपरिक 'एथलीट्स विलेज' नहीं बनाया है। खर्चा बचाने के लिए इस बार सभी एथलीट को होटलों, अस्थायी कंटेनर-जैसे घरों और 'कोस्टा सेरेना' क्रूज शिप (जो एक तरह से तैरता हुआ गेम्स विलेज ही है) का इस्तेमाल कर रहे हैं। गेम्स के लिए 17000 से ज्यादा एथलीट और अधिकारी के आने से नागोया और उसके आस-पास रहने के इंतजाम में दिक्कत तो आएगी ही।
इस समय की रिपोर्ट ये है कि पुरुष टीम 'एपीए होटल नागोया एकिमाए' में रुकेगी, जबकि महिला टीम को 'मेइतेत्सु ग्रैंड होटल' में ठहरेगी। वैसे चिंता तो ये होने चाहिए थी कि क्या क्रिकेट ग्राउंड, पिच, ड्रेसिंग रूम और मैच से जुड़े और इंतजाम सही हैं या नहीं? ये मुद्दा भी उछला और इसलिए नए सिरे से इंस्पेक्शन हुए और उनके बाद, एशियन क्रिकेट काउंसिल इन इंतजाम को हरी झंडी दिखा दी।
ग्वांगझू 2010 (Guangzhou 2010) ऐसे पहले एशियन गेम्स थे जिसमें क्रिकेट भी खेले। तब तो सभी क्रिकेट टीम ऑफिशियल एशियन गेम्स विलेज में ही ठहरी थीं। ये एक पूरा रिहायशी कॉम्प्लेक्स जैसा था जिसमें एथलीट और अधिकारी अलग-अलग बनी रेजिडेंशियल बिल्डिंग में ठहरे और उन्हें कॉमन डाइनिंग, ट्रांसपोर्ट, सिक्योरिटी और गेम्स से जुड़ी दूसरी सुविधाएं मिलीं।
पॉलिसी साफ थी: अलग-अलग खेलों के एथलीट एक ही गेम्स माहौल में रहे, साथ-साथ कॉमन डाइनिंग सुविधा में खाना खाया और ऑफिशियल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से ही कॉम्पिटिशन वेन्यू तक जाते थे। इस तरह क्रिकेट, एशियन गेम्स में कोई अलग खेल नहीं, बड़े मल्टी-स्पोर्ट विलेज सिस्टम के हिस्से के तौर पर शामिल हुआ था। बीसीसीआई ने चूंकि अपनी कोई टीम न भेजी तो यहां क्रिकेटरों के लिए हुए इंतजाम की कोई खास चर्चा भी न हुई।