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निगरानी समिति के गठन से पहले हमसे सलाह नहीं लेना दुखद: बजरंग पूनिया

ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया ने मंगलवार को निराशा व्यक्त की कि सरकार द्वारा निगरानी समिति के गठन से पहले पहलवानों से सलाह नहीं ली गई।

IANS News
By IANS News January 24, 2023 • 17:50 PM
It's sad that we were not consulted before the formation of oversight committee: Bajrang Punia
Image Source: IANS

ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया ने मंगलवार को निराशा व्यक्त की कि सरकार द्वारा निगरानी समिति के गठन से पहले पहलवानों से सलाह नहीं ली गई।

टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ने ट्विटर पर कहा, हमें आश्वासन दिया गया था कि निगरानी कमेटी के गठन से पहले हमसे सलाह ली जाएगी। यह बहुत दुख की बात है कि इस समिति के गठन से पहले हमसे सलाह भी नहीं ली गई।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर को भी टैग किया।

सोमवार को, केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री ने एमसी मैरी कॉम की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय निगरानी समिति के गठन की घोषणा की, जिसमें ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त और भारत की पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के पूर्व सीईओ कैप्टन राजगोपालन और साई की पूर्व कार्यकारी निदेशक (टीम) राधिका श्रीमन शामिल हैं।

ओलंपियन बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, रवि दहिया और दीपक पुनिया के नेतृत्व में पहलवानों के एक समूह के धरने पर बैठने के बाद ठाकुर ने पिछले हफ्ते डब्ल्यूएफआई की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को संभालने के लिए निगरानी समिति के गठन की घोषणा की थी। जंतर मंतर पर रेसलिंग फेडरेशन आफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) पर कई अनियमितताओं के आरोप लगाए गए, जिसमें कोच और डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह द्वारा शासन के कुप्रबंधन और महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न शामिल है।

इससे पहले, मंत्री ने यह भी बताया कि बृजभूषण शरण सिंह को निगरानी कमेटी द्वारा जांच पूरी होने तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के रूप में काम करना बंद करने के लिए कहा गया है और डब्ल्यूएफआई के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहा गया है।

ओलंपियन बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, रवि दहिया और दीपक पुनिया के नेतृत्व में पहलवानों के एक समूह के धरने पर बैठने के बाद ठाकुर ने पिछले हफ्ते डब्ल्यूएफआई की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को संभालने के लिए निगरानी समिति के गठन की घोषणा की थी। जंतर मंतर पर रेसलिंग फेडरेशन आफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) पर कई अनियमितताओं के आरोप लगाए गए, जिसमें कोच और डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह द्वारा शासन के कुप्रबंधन और महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न शामिल है।

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