बुला चौधरी: 'भारतीय जलपरी', समुद्री जल से एलर्जी के बावजूद इंग्लिश चैनल पार कर रचा इतिहास (Image Source: IANS)
भारत में तैराकी एक पारंपरिक कला के रूप में प्रतिष्ठित है। इसका वर्णन हमारे धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। आधुनिक समय में तैराकी एक खेल के रूप में प्रतिष्ठित है। एक ऐसा खेल जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सबसे बेहतर माना जाता है। तैराकी में भारत की मौजूदा स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकासशील अवस्था में है। भारतीय महिलाएं भी तेजी से इस विधा में आगे आ रही हैं।
भारतीय लड़कियों को तैराकी में आने का साहस जिन महिला तैराकों से मिला है, उनमें बुला चौधुरी का नाम प्रमुख है।
बुला चौधरी का जन्म 2 जनवरी, 1970 को हुगली, पश्चिम बंगाल में हुआ था। महज दो साल की उम्र से ही एक तैराक के रूप में उनकी यात्रा शुरू हो गई थी, तब उनके पिता पहली बार उन्हें हुगली नदी के तट