Discus Throw Bronze Medallist Seema: बड़ी पुरानी कहावत है, 'जहां चाह वहां राह'। यह लाइनें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली एथलीट सीमा कालीरमन पर फिट बैठती हैं। चार साल के बेटे की जिम्मेदारी, पीएचडी की पढ़ाई के साथ खेल के प्रति ऐसा जुनून उन्हें बाकी एथलीटों से अलग बनाता है। सीमा का सबसे बड़ा सहारा पति रविंदर भी बने, जिनकी कोचिंग में वह देश का नाम रोशन करने में कामयाब हो सकीं।
हालांकि, सीमा का ब्रॉन्ज मेडल जीतने तक का सफर चुनौतियों से भरा रहा। चोट, प्रेग्नेंसी और तमाम तरह की चुनौतियों के बावजूद सीमा ने कभी अपना हौसला कम नहीं होने दिया। जब-जब जिंदगी ने खेल को उनसे दूर करने की कोशिश की तो सीमा ने हर बार शानदार वापसी की।
डिस्कस थ्रो के फाइनल में 27 साल की इस एथलीट के छह राउंड में से केवल दो ही थ्रो सही (वैलिड) हो पाए, क्योंकि बार-बार डिस्कस साइड नेटिंग में फंस जा रहा था। यह पोडियम सीमा के लिए पहला बड़ा इंटरनेशनल मेडल रहा। सीमा एक पीएचडी स्कॉलर भी हैं और चार साल के बेटे रुद्र की मां हैं।