फ्रांस के हेड कोच डिडिएर डेसचैम्प्स का मानना है कि उनकी टीम फीफा विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रही है, लेकिन अटैकिंग थर्ड में अभी भी सुधार की गुंजाइश मौजूद है। क्वार्टर फाइनल में मोरक्को से भिड़ंत से पहले उन्होंने कहा कि बड़े मुकाबलों में सिर्फ मौके बनाना काफी नहीं होता, बल्कि उन्हें गोल में बदलने की क्षमता ही अंतर पैदा करती है।
फ्रांस ने टूर्नामेंट के पांच मैचों में 14 गोल दागे हैं और हर मुकाबले में लगभग तीन गोल का औसत रखा है। किलियन एम्बाप्पे और ओस्मान डेम्बेले टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोररों में शामिल हैं, जबकि माइकल ओलिस सबसे अधिक असिस्ट देने वाले खिलाड़ियों में हैं। इसके बावजूद डेसचैम्प्स अपनी टीम की फिनिशिंग से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जैसे-जैसे टीम टूर्नामेंट में आगे बढ़ेगी, गोल के सामने अधिक एफिशिएंसी बेहद अहम होती जाएगी।
डेसचैम्प्स ने कहा, "हम काफी क्षमतावान हैं, लेकिन हम इससे भी बेहतर हो सकते थे। आगे के मुकाबलों में हर मौका मायने रखेगा। 100 प्रतिशत एफिशिएंसी आदर्श स्थिति होगी।"