6 फरवरी,नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को हैमिल्टन में खेले गए पहले वनडे मैच में न्यूजीलैंड के हाथों 4 विकेट की हार का सामना करना पड़ा। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते न्यूजीलैंड के सामने 348 रनो का विशाल लक्ष्य लिखा, जिसे मेजबान टीम ने 48.1 ओवरों में आसानी से हासिल कर लिया। भारत की इस हार के तीन बड़े कारण रहे, आइए जानते हैं।
खराब फील्डिंग, रॉस टेलर की कैच
कप्तान विराट कोहली को छोड़ दिया जाए तो न्यूजीलैंड दौरे पर अब तक टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने अपनी फील्डिंग से निराश किया है। पहले वनडे में भी काफी खराब फील्डिंग देखने को मिली। जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ रॉस टेलर की कैच छुटने से। जब टेलर 12 रन बनाकर खेल रहे थे, तब रविंद्र जडेजा की गेंद पर कुलदीप यादव ने फाइन लैग पर उनका कैच छोड़ दिया था। इस जीवनदान के बाद टेलर ने नाबाद 109 रन विजयी पारी खेली, जो भारत की हार का बड़ा कारण बनी।
24 वाइड गेंद
भारत ने पहले वनडे में 29 एक्सट्रा रन दिए, जिसमें 24 वाइड गेंद शामिल थे। जिसके चलते भारतीय गेंदबाजों ने इस मैच में 4.1 ओवर अधिक गेंदबाजी की। 2008 के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब भारतीय गेंदबाजों ने एक मैच में 20 से ज्यादा वाइड गेंद डाली हैं।
शार्दुल ठाकुर को मौका
नवदीप सैनी की जगह शार्दुल ठाकुर को प्लेइंग इलेवन में जगह देना एक गलत फैसला साबित हुआ। सैनी ने 9 ओवरों में 80 रन लुटा दिए। 9 वनडे मैच खेल चुके ठाकुर अब तक सिर्फ 9 विकेट ही हासिल कर पाए हैं, जिसमें उनका औसत 51 से ज्यादा का रहा है। जबकि लगातार 150 के आसपास गेंद डालने वाले सैनी का औसत 37 का है।