संजू सैमसन, एक ऐसा खिलाड़ी जिसमें टैलेंट की कमी बिल्कुल भी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद वह सिर्फ और सिर्फ एक बैकअप प्लेयर बनकर रह गए। संजू और इग्नोरेंस यह दोनों शब्द आपस में जुड़े प्रतीत होने लगे हैं, हालांकि इग्नोरेंस की कहानी सिर्फ संजू सैमसन की कहानी नहीं है। इसके शिकार कई खिलाड़ी हुए। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको ऐसे ही 3 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे।

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पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw)

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पृथ्वी शॉ की कहानी संजू सैमसन की कहानी सी लगने लगी है। 23 वर्षीय पृथ्वी लगातार रन बना रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ इग्नोरेंस का सामना करना पड़ा है। ब्लू जर्सी पहनकर इंडिया को इंटरनेशनल लेवल पर रिप्रेजेंट कर चुके पृथ्वी अब ब्लू जर्सी से दूर हो रहे है, कारण एक - नजरअंदाज किया जाना।

उन्होंने डेब्यू से लेकर अब तक 5 टेस्ट, 6 वनडे, और सिर्फ 1 टी-20 मैच खेला है। पृथ्वी में फ्यूचर का वीरेंद्र सहवाग नजर आता है, जो बेख़ौफ अंदाज में किसी भी पिच कंडीशन में विपक्षी गेंदबाजी को तहस नहस कर सकता है, लेकिन फिलहाल उन्हें मौके नहीं मिल रहे हैं। हाल यह है कि वह इंडिया की B टीम में भी जगह नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं।

कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav)

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72 वनडे 118 विकेट, 7 टेस्ट 26 विकेट, 25 टी20 44 विकेट - फिर भी ब्लू जर्सी से दूर, नाम कुलदीप यादव। इन्हें भी संजू सैमसन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। एक बाएं हाथ का स्पिनर जो विकेट टेकर है, मिडिल ओवर में विपक्षी टीम का काल बन सकता है, आखिर क्यों बेंच गर्म कर रहा है? कारण - इग्नोरेंस।

बीते समय में कुलदीप यादव के ऊपर युजवेंद्र चहल, रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, वाशिंगटन सुंदर और अन्य खिलाड़ियों को चुना गया है। कुलदीप और चहल की जोड़ी ने माही की कप्तानी में इंडिया को कई मैच जिताए, लेकिन माही के बाद कुलदीप के साथ जुड़ गई इग्नोरेंस की कहानी।

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वेंकटेश अय्यर (Venkatesh Iyer)

वेंकटेश अय्यर या कहें एक और संजू सैमसन, नाम थोड़ा अलग है लेकिन कहानी मिलती जुलती। इंडिया को हमेशा से ही एक ऑलराउंडर खिलाड़ी की दरकार रही। जब हार्दिक पांड्या इंजर्ड हुए तब वेंकटेश अय्यर उभरकर सामने आए। एक ऐसा खिलाड़ी जो बैटिंग और बॉलिंग दोनों ही कुशलता से कर सकता है। 27 साल के वेंकटेश ने आईपीएल में आतंक मचाकर इंडिया की जर्सी हासिल की, लेकिन इग्नोरेंस ने उन्हें ज्यादा समय टिकने नहीं दिया।

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एक समय जो हार्दिक की पहली रिप्लेसमेंट माने जा रहे थे उस खिलाड़ी ने साल 2021 में डेब्यू करने के बाद अब तक सिर्फ 9 टी20 और 2 वनडे खेले। इंडियन टीम में एक्सपेरिमेंट होते रहे और हार्दिक की वापसी के बाद बन्द हुए वेंकटेश के लिए इंडियन टीम के रास्ते। कारण एक-इग्नोरेंस।

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Nishant Rawat
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