भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में संपंन्न हुए ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही रिटायरमेंट लेकर क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया। उनके बीच सीरीज में रिटायरमेंट लेने को लेकर हर कोई हैरान था और कुछ क्रिकेट पंडितों और पूर्व क्रिकेटर्स ने टीम मैनेजमेंट पर भी सवाल उठाए कि आखिर उन्हे आखिरी टेस्ट तक क्यों नहीं रोका गया।

Advertisement

अब क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी रविचंद्रन अश्विन के साथ हुए इस गलत व्यवहार के लिए भारतीय टीम प्रबंधन की आलोचना की है। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में, बंगाल के पूर्व कप्तान ने आरोप लगाया कि अश्विन का अपमान किया गया, जिसके कारण उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

Advertisement

तिवारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "अश्विन का अपमान किया गया। वाशिंगटन सुंदर और तनुश कोटियन जैसे खिलाड़ियों को देखें, वो सभी गुणवत्ता वाले स्पिनर हैं और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं लेकिन जब आपके पास अश्विन जैसी क्षमता वाला खिलाड़ी है, तो आपको घरेलू सीरीज में वाशिंगटन को लाने की क्या जरूरत है, जहां अश्विन, जडेजा और कुलदीप हैं और उनसे अश्विन से ज्यादा ओवर गेंदबाजी करवाना है। क्या ये अश्विन का अपमान नहीं है?"

मनोज तिवारी ने आगे बोलते हुए कहा, "क्या वो इतने सारे मैच जीतने वाले प्रदर्शन करने के बाद भी खेलते रहेंगे? वो ऐसा नहीं कहेंगे क्योंकि वो एक अच्छे इंसान हैं। लेकिन एक दिन वो जरूर सामने आएंगे और अपना अनुभव साझा करेंगे। ये सही प्रक्रिया नहीं है। वो भी खिलाड़ी हैं और उन्हें भी पीठ थपथपाने और सम्मान की जरूरत है।"

अश्विन पर बोलने के अलावा तिवारी ने गौतम गंभीर को भी आड़े हाथों लेते हुए उन्हें पाखंडी तक कहा। गंभीर की कोचिंग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार से पहले भारत ने श्रीलंका में वनडे सीरीज गंवा दी थी और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था।

Advertisement

लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
ताजा क्रिकेट समाचार