इंग्लैंड क्रिकेट टीम अगले साल फरवरी के महीने में भारतीय दौरे पर आएगी लेकिन इस दौरे पर अभी से ही संकट के बादल मंडरा रहे है। दरअसल इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के सीईओ टॉम हैरिसन ने एक ताजा बयान में ये कहा है कि अगले साल क्रिकटरों के लिए बायोसिक्योर बबल में रहना और क्रिकेट खेलना बहुत मुश्किल होगा। उनके अनुसार एक पूरी टीम मैनेजमेंट को बायो सिक्योर बबल में रखने के लिए बहुत पैसे खर्च होते है और साथ में एक निर्धारित जगह रहने के कारण खिलाड़ियों  के मानसिक स्तिथि पर भी असर पड़ता है। 

बता दें कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अभी आर्थिक तंगी से गुजर रहा है और कई खिलाड़ियों को बोर्ड के तरफ से फीस नहीं मिली है।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के तरफ से आये इस बयान के बाद हो सकता है कि इंग्लैंड और भारत के बीच होने वाली यह सीरीज स्थगित हो जाए। इसका मुख्य कारण ये है कि भारत में  अभी भी कोरोना महामारी की समस्या कम नहीं हुई है और यहां लगातार केस बढ़ते जा रहे है। ऐसे में अगर अगले साल भारतीय सरजमीं पर कोई दौरा होता है तो वह बायोसिक्योर बबल वाले वातावरण में ही खेला जाएगा।  

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के अधिकारीयों ने का कहना है उन्होंने अभी तक खिलाड़ियों और टीम के दूसरे  स्टाफ की कोरोना जांच के लिए ही करीब 9 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए है। इसके अलावा कई खिलाड़ियों को कई तरह के नियम का पालन करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है और साथ में उनका मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

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Shubham Shah
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