कट्टक के बाराबती स्टेडियम में भारत-इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे में फ्लडलाइट फेल होने की घटना ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। रविवार को जब भारत 305 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा था, तब अचानक एक फ्लडलाइट टावर की लाइट बंद हो गई, जिससे मैच 35 मिनट तक रुका रहा। इस घटना ने दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों को निराश किया, और ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन (OCA) की तैयारियों पर सवाल उठ खड़े हुए।
भारत की पारी के दौरान, जब स्कोर 48/0 (6.1 ओवर) था, लॉन्ग-ऑन बाउंड्री के पास स्थित फ्लडलाइट टावर की लाइट अचानक टिमटिमाने लगी और फिर पूरी तरह बंद हो गई। इससे रोहित शर्मा और शुभमन गिल को डगआउट लौटना पड़ा, जबकि इंग्लैंड की टीम भी मैदान से बाहर चली गई। OCA सूत्रों के अनुसार, छह फ्लडलाइट टावरों में से एक के जेनरेटर में खराबी आ गई, जिससे यह बाधा उत्पन्न हुई।
सरकार ने मांगा जवाब
ओडिशा सरकार ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन से 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने कहा, "यह घटना खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए अस्वीकार्य है। OCA को बताना होगा कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।"
बाराबती स्टेडियम में छह साल बाद कोई वनडे मैच हुआ था, लेकिन इस घटना ने OCA की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग भी ले रहा है। विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) ने राज्य की BJP सरकार की आलोचना करते हुए पूछा कि इतने वर्षों बाद हुए अंतरराष्ट्रीय मैच की सही तैयारी क्यों नहीं की गई?
फिलहाल, OCA और राज्य सरकार पर भारी दबाव है कि वे इस लापरवाही की जिम्मेदारी तय करें और आगे ऐसी स्थिति न दोहराई जाए।