Mohammad Hafeez: पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मोहम्मद हफीज ने संन्यास लेने के बाद अब सभी लोगों के साथ अपने क्रिकेट करियर की सबसे बड़ी निराशा और दिल को चोट पहुंचाने वाले पलों को साझा किया है। उन्होंने बताया है कि जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच फिक्सिंग के दोषी खिलाड़ियों को देश का नेतृत्व करने दिया, वो उनके लिए बहुत ही निराश करने वाला पल था। उन्होंने ये भी कहा है कि फिक्सिंग में शामिल किसी भी खिलाड़ी को खेलने की अनुमती नहीं दी जानी चाहिए।
पाकिस्तान के इस स्टार खिलाड़ी ने बात करते ये भी कहा कि "मैंने और अजहर अली ने इस मुद्दे पर सैद्धांतिक रूख अपनाया, लेकिन पीसीबी के चेयरमैन ने कहा कि अगर आप नहीं खेलना चाहते, तो ठीक है। लेकिन संबंधित खिलाड़ी खेलेंगे।"
हफीज ने पत्रकारों से बात करते हुए यह भी साफ किया कि उनके रिटायरमेंट के फैसला का पीसीबी चेयरमैन रमीज़ राजा से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी पहले ही उन्हें और शोएब मलीक को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की सलाह दे चुके थे।
41 वर्षीय इस खिलाड़ी ने बात करते हुए ये भी खुलासा किया कि वो, साल 2019 से ही संन्यास के बारे में विचार कर रहे थे, लेकिन उनकी पत्नी और शुभचिंतको ने उन्हें खेलते रहने के लिए राज़ी किया, लेकिन वह तब से ही संन्यास के बारे में सोच रहे थे।
जानकारी के लिए बता दें कि हफीज ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लंबे समय से अपनी सेवाएं दी है साथ ही वह टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने अपने देश के लिए 55 टेस्ट मैच, 218 वनडे और 119 टी20 मैच खेले हैं।