टीम इंडिया के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट पर छिड़ी बहस के बीच आकाश चोपड़ा और संजय मांजरेकर के विचार सामने आए। जहां मांजरेकर मानते हैं कि टीम को बुमराह के हिसाब से नहीं चलना चाहिए, वहीं चोपड़ा ने उन्हें ‘24 कैरेट गोल्ड’ और ‘कोहिनूर डायमंड’ बताते हुए खास मैसेज दिया है। इस बहस ने बुमराह के टेस्ट करियर और उनकी फिटनेस को लेकर फैंस और एक्सपर्ट्स के बीच नई चर्चा छेड़ दी है।

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एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के दौरान जसप्रीत बुमराह को लेकर सबसे ज़्यादा चर्चा उनके वर्कलोड मैनेजमेंट की हुई। सीरीज़ से पहले ही टीम मैनेजमेंट ने साफ कर दिया था कि बुमराह पांच में से सिर्फ तीन टेस्ट ही खेलेंगे। उन्होंने पहला, तीसरा और चौथा मैच खेला, लेकिन दूसरे और फिर सीरीज़-डिसाइडर पांचवें टेस्ट में आराम दिया गया।

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बुमराह की इस 'पिक एंड चूज़' पॉलिसी पर कई एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए। इसी बीच पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बुमराह का बचाव किया। उन्होंने कहा, “मैं संजय मांजरेकर का आर्टिकल पढ़ रहा था, जिसमें लिखा था कि टीम को बुमराह के हिसाब से नहीं चलना चाहिए। लेकिन मेरी राय अलग है। मुझे नहीं लगता कि बुमराह हर टेस्ट खेलेंगे। यह नैतिक या चारित्रिक बहस का मुद्दा नहीं है, बल्कि फिटनेस का मामला है। जब वो उपलब्ध हों, तब उन्हें खिलाओ।”

चोपड़ा ने आगे यह भी कहा कि अगर बुमराह बल्लेबाज़ होते तो मामला अलग होता, लेकिन बतौर गेंदबाज़ टीम कॉम्बिनेशन आसानी से बदला जा सकता है। उन्होंने कहा, “कोई भी बॉलर बुमराह जैसा नहीं है। उन्हें फोर्स करके जल्दी रिटायरमेंट की तरफ मत धकेलो। वो 24 कैरेट गोल्ड हैं, कोहिनूर डायमंड हैं। जितना खेलें, उतना भारतीय क्रिकेट के लिए सोने पे सुहागा है।”

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दरअसल, बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट में 14 विकेट झटके, जिसमें दो बार पांच-पांच विकेट शामिल थे। यही वजह है कि चोपड़ा का मानना है कि बुमराह का करियर जितना लंबा खिंचेगा, उतना ही टीम इंडिया को फायदा होगा।

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Ankit Rana
Media Graduate | Cricket & Film Enthusiast | Sharing insights, stories, and analysis on the latest in cricket and cinema. Join me for in-depth content and engaging discussions! Read More
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