कोलकाता, 7 मार्च | भारत में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल कोलकाता के इडन गार्डन्स स्टेडियम पर होना है। 65 हजार लोगों की तादाद वाला यह स्टेडियम अपनी नई जल निकासी व्यवस्था के साथ मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। हर क्रिकेट खिलाड़ी के लिए इडन गार्डन्स में खेलना सपना होता है। भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस. लक्ष्मण ने कहा है, "यह विशेष मैदान है। यहां खेलना शानदार होता है।"

इस स्टेडियम में पहला मैच 1934 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था जोकि भारत का दूसरा टेस्ट मैच था। इडन के लिए ऐतिहासिक मौका 1987 में आया। इस मैदान ने 1987 विश्व कप के फाइनल मैच की मेजबानी की थी जिसे आस्ट्रेलिया ने जीता था।

बंगाल की टीम के पूर्व कप्तान राजू मुखर्जी जोकि इडन पर एक किताब भी लिख चुके हैं का मानना है कि इस मैदान को महान यहां मैच देखने आने वाले लोग बनाते हैं। मुखर्जी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "इडन की महानता यहां के दर्शको और पिच से है। यहां के दर्शक दुनिया भर के खिलाड़ियों को यहां खींच ले आते हैं। इस मैदान की तादाद एक लाख से घटाकर 65 हजार कर दी गई है लेकिन फिर भी यह काफी ज्यादा है।"

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने जब इडन को टी-20 विश्व कप के फाइनल की मेजबानी सौंपी थी तो सवाल खड़ा हुआ था कि अगर बारिश ने मैच में बाधा डाली तो मैच का आयोजन कैसे होगा।

सवाल जायज भी है, क्योंकि इससे पहले दो बार मैच के दौरान जब बारिश हुई तो मैच को रद्द करना पड़ा था। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आठवें संस्करण में कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच हुआ मैच और पिछले साल अक्टूबर में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए मैंच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी थी।

इससे उलट बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) ने कहा है कि इस बार बारिश किसी भी हालत में मैच में बाधा नहीं बनेगी। सीएबी के नवनियुक्त अध्यक्ष पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली की आगुआई में बोर्ड स्टेडियम के जल निकासी तंत्र को सुधारने की भरपूर कोशिश कर रहा है।

सीएबी की मैदान समिति के मुखिया देबब्रत दास ने आईएएनएस से कहा, "हमने जल निकासी की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली की एक कंपनी को इसकी देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा हम बीसीसीआई के पिच क्यूरेटर दलजीत सिंह की भी सलाह ले रहे हैं। साथ ही हम पूर्व क्षेत्र के क्यूरेटर आशीष भौमिक, इडन गार्डन्स के क्यूरेटर सुजान मुखर्जी, और मैं इस पर एक टीम की तरह काम कर रहे हैं।" दास ने कहा, "अगर चार घंटे भी बारिश होती है तो हम 20 मिनट में मैदान सूखा सकते हैं। अब सिर्फ बाढ़ ही इडन पर मैच रोक सकती है।"

पिछली बार जब यहां मैच खेला गया था तो तत्कालीन पिच क्यूरेटर प्रबिर मुखर्जी ने कहा था कि यहां मैदान को ढकने के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं है। लेकिन अब चार महीने बाद हमारे पास आधुनिक सुविधाएं हैं जिसके चलते हम ऐसी दिक्कतों से बच सकते हैं।

उन्होंने कहा, "हमारे पास नए पिच कवर हैं जो हल्के हैं और जिन्हें आसानी से लपेटा जा सकता है। मैदान के आधुनिक कवर भी जल्द ही हमारे पास होंगे।" मुखर्जी ने हालांकि सर्तकता का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा , "क्या कोई प्रकृति से लड़ सकता है? कोई भी स्टेडियम 100 फीसदी भारी बारिश से निपटने में सक्षम नहीं है। एकदिवसीय मैच इसलिए आए क्योंकि टेस्ट मैच बारिश की वजह से धुल जाते थे।"

सीएबी के सह सचिव अनु दत्त ने कहा है कि स्टेडियम बड़े मैच के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हमने यहां कुछ बदलाव किए हैं। हम नया स्कोरबोर्ड कुछ ही दिन में लगा देंगे। हम टी-20 विश्व कप के मैचों के आयोजनों के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।"

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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