भारत की घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में अनकैप्ड खिलाड़ियों का जलवा जारी है। लेकिन इन सभी खिलाड़ियों के बीच जिस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोंरी है वो कोई और नहीं बल्कि कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल है।
पडिक्कल पिछले आईपीएल सीजन से ही सबकी जुबान पर है और वो साल 2020 में आरसीबी की ओर से 473 रनों के साथ ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। पडिक्कल का शानदार फॉर्म अभी भी जारी है और उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2021 में 5 मैचों में ही 572 रन बनाकर अपनी काबिलियत का प्रमाण दे दिया है। यहां तक की उन्होंने 3 शतक जमाए हैं जो लगातार मैचों में आए है। इस दौरान उनका उच्चतम स्कोर 152 रनों का रहा है जो उन्होंने ओडिसा के खिलाफ बनाए थे।
इस युवा बल्लेबाज का ऐसे फॉर्म में होना भारत के भविष्य के क्रिकेट के लिए बड़ी बात है और इनके ऐसे प्रदर्शन को देखकर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चयनकर्ता कहीं ना कहीं पडिक्कल के नाम पर भी विचार जरूर करेंगे। गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में कई बड़े खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है ऐसे में इस बल्लेबाजी की दावेदारी और भी मजबूत होगी।
इसके अलावा भारत की प्लेइंग इलेवन को देखें तो शिखर धवन और रिषभ पंत को छोड़कर बल्लेबाजी में कोई बाएं हाथ का मुख्य खिलाड़ी नहीं है और पडिक्कल के आने से टीम में और विविधता मिलेगी।
पडिक्कल एक बार फिर आईपीएल 2021 में अपनी पुरानी टीम आरसीबी की टीम के साथ खेलते हुए नजर आएंगे और इस बार ग्लेन मैक्सवेल के आने से इस बल्लेबाज को और भी अनुभव प्राप्त होगा। टीम में पहले से ही कप्तान विराट कोहली और एबी डी विलियर्स के रूप में दे दिग्गज है और पडिक्कल इन सभी के मदद से अपनी बल्लेबाजी में और निखार ला सकते हैं।