भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला हारने के बाद धूप का चश्मा पहनकर आई थीं। गौर करने वाली बात ये है कि यह किसी भी तरह से स्टाइल स्टेटमेंट नहीं था। हरमनप्रीत कौर ने अपने आंसूओं को छिपाने के लिए ऐसा किया था। हरमनप्रीत कौर नहीं चाहती थीं की देश उन्हें रोता हुआ देखे। हरमनप्रीत कौर के द्वारा ऐसा करना एक क्रिकेटर के रूप में, एक लीडर के रूप में और एक इंसान के रूप में उनके बारे में बहुत कुछ बताता है।
हरमनप्रीत कौर बीमारी से जूझ रही थीं और अगर वह विश्व कप सेमीफ़ाइनल नहीं होता, तो शायद हरमनप्रीत कौर वह मैच भी नहीं खेलतीं। हरमनप्रीत कौर ने टीम इंडिया को जीताने के लिए मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया था। वह एक योद्धा की तरह बल्लेबाजी करने उतरीं और मैदान के सभी हिस्सों में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धुनाई की।
हरमनप्रीत कौर की बैटिंग भारत को एक कमांडिंग पोजिशन पर ले आई थी लेकिन, मैच के महत्वपूर्ण पलों में वो रनआउट हो गईं और टीम इंडिया इस मुकाबले को हार गईं। टीम इंडिया को अंतिम ओवर तक चले इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पांच रन से हराया था। हरमनप्रीत कौर ने प्रजेंटेशन को दौरान कहा, 'मैं नहीं चाहती कि मेरा देश मुझे रोता हुआ देखे, इसलिए मैं यह चश्मा पहन रही हूं, मैं वादा करती हूं, हम सुधार करेंगे और अपने देश को फिर से इस तरह नीचे नहीं जाने देंगे।'
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया की टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 172 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 167 रन ही बना सकी और मुकाबले को 5 रनों से हार गई। एश्ले गार्डनर प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। एश्ले गार्डनर ने बैटिंग में 18 गेंद में 31 रन की धुआंधार पारी खेली वहीं बॉलिंग में उन्होंने 4 ओवर में 37 रन देकर 2 विकेट चटकाए।