आईपीएल टीम के मालिकों ने बुधवार (31 जुलाई) को बीसीसीआई अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई और फ्रेंचाईजी मालिकों ने अपनी-अपनी परेशानियां बीसीसीआई के सामने रखीं। इस दौरान मेगा ऑक्शन और इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को हटाने पर भी कुछ फ्रेंचाईजियों ने ज़ोर दिया।

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बीसीसीआई ने अगले साल टी-20 लीग के 18वें संस्करण से पहले इन विषयों पर चर्चा करने के लिए अपने मुख्यालय में ये बैठक बुलाई थी। इसमें कोलकाता नाइट राइडर्स के शाहरुख खान, सनराइजर्स हैदराबाद की काव्या मारन, पंजाब किंग्स के नेस वाडिया, लखनऊ सुपर जायंट्स के संजीव गोयनका और उनके बेटे शाश्वत, दिल्ली कैपिटल्स के केके ग्रैंड और पार्थ जिंदल शामिल थे। इस बैठक में मनोज बडाले और रंजीत बरठाकुर ने राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया, प्रथमेश मिश्रा ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, कासी विश्वनाथन और रूपा गुरुनाथ ने चेन्नई सुपर किंग्स, अमित सोनी ने गुजरात टाइटन्स का प्रतिनिधित्व किया, जबकि मुंबई इंडियंस के मालिक ऑनलाइन शामिल हुए।

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इस मीटिंग के बारे में जय शाह ने एक विज्ञप्ति में कहा, "भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बुधवार को आईपीएल के आगामी सत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर 10 फ्रेंचाइज़ी के मालिकों के साथ एक रचनात्मक बातचीत का आयोजन किया।"

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीमों को एक राइट टू मैच (RTM) कार्ड के साथ अधिकतम पांच खिलाड़ियों को बनाए रखने की अनुमति दी जा सकती है। RTM कार्ड किसी फ्रेंचाइज़ी को अपने पिछले सत्र की टीम के किसी खिलाड़ी को उसी बोली पर खरीदने की अनुमति देता है। शाह ने पुष्टि की कि सभी चर्चा किए गए बिंदुओं पर जल्द ही निर्णय लिए जाएंगे।

इस बीच मेगा ऑक्शन और इम्पैक्ट प्लेयर रूल पर भी बहस होती दिखी। नेस वाडिया और शाहरुख खान ने इस बात पर गरमागरम बहस की कि क्या मेगा ऑक्शन आयोजित किया जाना चाहिए। सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन ने कम से कम 7 खिलाड़ियों को रिटेन करने की मांग रखी। जबकि दिल्ली कैपिटल्स के मालिक JSW स्पोर्ट्स के निदेशक पार्थ जिंदल ने कहा कि मेगा ऑक्शन से पहले खिलाड़ियों को बनाए रखने की संख्या के बारे में टीमों के बीच कोई आम सहमति नहीं थी। उन्होंने कहा, "आम सहमति पर कुछ नहीं। कुछ लोग आठ से 10 चाहते हैं, कुछ लोग चार चाहते हैं, कुछ लोग छह चाहते हैं, ये सब हवा में है।"

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जिंदल ने ये भी कहा कि इस बात पर बहस चल रही थी कि क्या ऑक्शन आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "हां, मैं हैरान था। इस पर बहस हुई। कुछ लोगों ने कहा कि मेगा ऑक्शन बिल्कुल नहीं होना चाहिए। केवल छोटा ऑक्शन होना चाहिए। इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर भी अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विचार थे। कुछ लोग इसे इसलिए चाहते हैं क्योंकि इससे युवा खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने का मौका मिलता है। कुछ लोग इसे इसलिए नहीं चाहते क्योंकि ये ऑलराउंडरों के विकास के मामले में भारतीय क्रिकेट के लिए हानिकारक है।"

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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