'रॉय' के निकनेम से मशहूर साइमंड्स का 46 साल की उम्र में क्वींसलैंड में एक कार हादसे में निधन होने पर भारत में उन्हें अलग-अलग तरह से याद किया गया। कहीं उनकी बल्लेबाजी का जिक्र था तो कहीं फील्डिंग का। बाकी की चर्चा 'मंकी गेट' के हिस्से में आ गई।

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एक याद और भी है ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स की जो उनकी भारत में लोकप्रियता का सबूत है। वे भारत में एक बार बिग बॉस के घर में भी रहे थे। हिंदी न जानने के बावजूद, उनका बिग बॉस के घर में जाना अगर हिम्मत की बात था तो दो हफ्ते बाद वे बिग बॉस के घर से निकले तो हिंदी के कुछ शब्द सीख कर निकले थे।

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ये किस्सा है 2011 के बिग बॉस 5 का। वे 'गेस्ट' थे और पहले से तय था कि दो हफ्ते के लिए रहेंगे। उन्होंने पहले ही बता दिया था कि उसके बाद उन्हें क्रिसमस के लिए, अपने परिवार के पास, ऑस्ट्रेलिया लौटना है।

उन्हें पूजा मिश्रा को प्रपोज करने का टास्क मिला। इसे पूरा करने के किस्से को तो उन्होंने कई बार याद किया। हिंदी बोलकर प्रपोज करना था। मशहूर सीरियल 'सास भी कभी बहू थी' फेम के अमर उपाध्याय ने उन्हें बॉलीवुड के कुछ डायलॉग रटाए/सिखाए। डायलॉग सीखने के बाद, एंड्रयू, पूजा के पास गए और अपने घुटनों पर बैठकर बोले- 'चांद मेरा दिल, चांदनी हो तुम ... इस नाचीज के हाथों से ये फूल करो कबूल करो' और एक लाल गुलाब पेश कर दिया पूजा को। ये उस सीजन के सबसे यादगार लम्हों में से एक गिना गया।

बिग बॉस में रहना उनके लिए बड़ा यादगार रहा। रोजमर्रा की जिंदगी की कई जरूरी बाते सीखीं। सबसे अच्छा दोस्त बनाया सिद्धार्थ भारद्वाज को। इसकी वजह ये भी थी कि सिद्धार्थ खुद क्रिकेट के शौकीन हैं और उनसे क्रिकेट की बातें करते रहे।

भारतीय खाने का खूब लुत्फ़ उठाया- उनके लिए खाने का कोई अलग से इंतजाम नहीं था। इस अनुभव का भी उन्होंने ऑस्ट्रेलिया लौट कर एक अखबार में जिक्र किया था- चिकन करी का स्वाद चखा और कुछ भारतीय मसाले न सिर्फ सीखे, उसके बाद बाजार से खरीदकर ऑस्ट्रेलिया भी ले गए।

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महक (चहल) से वे दोस्ती बढ़ा रहे थे कि महक को घर से बाहर कर दिया गया। उनके होते हुए शो के होस्ट सलमान खान भी घर में आए थे और साइमंड्स के साथ बातचीत की। ऐसा नहीं कि उन्हें बिग बॉस के घर में सब कुछ पसंद आया- वे इस बात से बड़े परेशान थे कि बाहर की दुनिया से बिलकुल कट से गए थे- बाहर की कोई खबर नहीं थी। वैसे घर वालों ने उन्हें खुश रखने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की।

ऑस्ट्रेलिया में कई जगह साइमंड्स से पूछा गया कि एक मशहूर खिलाड़ी होने के बावजूद, उन्होंने ग्लैमर की दुनिया में एंट्री भारत में ही क्यों शुरू की? उनका जवाब था- अक्सर यहां आते थे और धीरे-धीरे वे इसे 'अपना सा' समझने लगे थे। साइमंड्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 26 टेस्ट और 198 वन डे इंटरनेशनल खेले। क्रिकेट से रिटायर होने के बाद वे कमेंटेटर बन गए और इसीलिए भारत अक्सर आते रहते थे। उन्होंने कहा- 'मैं क्रिकेट के लिए इतने सालों से भारत आ रहा हूं। यहां मेरे बहुत सारे दोस्त हैं, इसलिए यहां शोबिज में आना कोई अलग सा फैसला नहीं लगा।' येअनुभव तो उनके लिए ऐसा रहा कि वे तो इस सेगमेंट में और भी ऑफ़र के लिए तैयार थे, यहां तक कि अभिनय के लिए भी।

वैसे रिकॉर्ड के लिए बिग बॉस 5 में घर में रहने वाले बड़े मशहूर थे ( उस सीजन के कुछ ख़ास नाम : शक्ति कपूर, पूजा बेदी, शोनाली नागरानी, मंदीप बेवली, महक चहल, पूजा मिश्रा, जूही परमार, अमर उपाध्याय, सिद्धार्थ भारद्वाज, आकाशदीप सहगल और सन्नी लियोनी। मेहमान थे स्वामी अग्निवेश और एंड्रयू साइमंड्स)।

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Charanpal Singh Sobti
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