टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री बेबाकी से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। रवि शास्त्री अपने इसी बिंदास अंदाज की वजह से कई बार ट्रोलर्स के निशाने पर भी आ चुके हैं। रवि शास्त्री ने बीते दिनों दिए अपने बयान में कहा था कि बीसीसीआई को हितों के टकराव वाले नियम को डस्टबिन में फेंक देना चाहिए।
हितों के टकराव नियम के मुताबिक पूर्व खिलाड़ी प्रशासन में एक जिम्मेदारी करते हुए विभिन्न भूमिकाओं को निभा नहीं सकते हैं। जहां एक ओर कुछ लोगों ने रवि शास्त्री के इस बयान के बाद उनकी आलोचना की थी वहीं अब पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज मदन लाल (Madan Lal) ने रवि शास्त्री के बयान का समर्थन किया है।
एएनआई से बातचीत के दौरान मदन लाल ने कहा, 'रवि शास्त्री ने जो कहा मैं उसका पूरा समर्थन करता हूं। लोढा समिति ने नियम हितों के टकराव को कचरे के डब्बे में फेंक देना चाहिए। यह क्रिकेट में औसत दर्जे को लेकर आया और जो लोग ऑफिस में हैं, उनसे आसानी से संपर्क किया जा सकता है। पूर्व क्रिकेटरों को ऑफिस में पोजीशन पर रहना चाहिए क्योंकि वो खेल और बोर्ड की इज्जत को बरकरार रखेंगे। क्रिकेटर्स फिट हैं और सभी जिम्मेदारियां निभा सकते हैं।'
बता दें कि रवि शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैचों में हराने में कामयाबी पाई वहीं इंग्लैंड में भी टीम इंडिया ने काफी शानदार प्रदर्शन किया और 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल की। रवि शास्त्री के बाद टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को नया हेड कोच नियुक्त किया गया वहीं रोहित शर्मा को विराट कोहली की जगह वनडे टीम का कप्तान नियुक्त कर दिया गया। कुछ समय पहले ही रोहित शर्मा को टी-20 का कप्तान भी बनाया गया था।