भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी टीम इंडिया में वापसी के लिए तैयार हैं। वो चैंपियंस ट्रॉफी से पहले इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ उनकी फिटनेस और फॉर्म ही उनके लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेलने के रास्ते खोलेगी।
शमी ने भारत के लिए आखिरी बार 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में खेला था, जिसके बाद उनकी सर्जरी हुई और जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से बाहर रहना पड़ा था। क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की मेडिकल टीम शमी पर कड़ी नज़र रख रही है। सर्जरी के बाद, उनके घुटने में हल्की सूजन आ गई, जिसके कारण वो हाल ही में संपन्न बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में नहीं खेल पाए थे।
फिलहाल, वो बंगाल के विजय हजारे ट्रॉफी अभियान का हिस्सा हैं और गुरुवार को हरियाणा के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल खेलने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीए से कम से कम एक फिजियो या ट्रेनर तेज गेंदबाज के साथ गया है। बीसीसीआई की चयन समिति के सदस्यों के बड़ौदा में विजय हजारे ट्रॉफी के नॉकआउट मैचों में भाग लेने और शमी के प्रदर्शन पर भी ध्यान देने की उम्मीद है। ऐसा कहा जा रहा है कि उनकी गेंदबाजी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है और उनके घुटने में भी कोई खास परेशानी नहीं है।
Also Read: Funding To Save Test Cricket
हालांकि, शमी को भारतीय टीम में वापसी के लिए एनसीए से हरी झंडी की जरूरत होगी। भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी एनसीए की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे में शानदार प्रदर्शन करने वाले बुमराह को सिडनी में अंतिम टेस्ट के दौरान पीठ में चोट लग गई थी जिसके चलते वो आखिरी दिन बॉलिंग नहीं कर पाए थे और भारत को सीरीज में 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था। शमी की तरह उन्हें भी एनसीए से मंजूरी की जरूरत होगी।