India vs West Indies ODI: शिखऱ धवन (Shikhar Dhawan Captain) की अगुआई में टीम इंडिया शुक्रवार (22 जुलाई) को वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वींस पार्क ओवल स्टेडियम में तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेलने उतरेगी। इसके साथ ही भारतीय टीम के नाम एक साल में सबसे ज्यादा कप्तानों का इस्तेमाल करने का रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। भारतीय क्रिकेट में पहली बार ऐसा होगा। इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में इससे पहले एक ही बार ऐसा हुआ था जब एक साल में एक टीम के सात कप्तान रहे हों।
2022 की शुरूआत में साउथ अफ्रीका के दौरे पर विराट कोहली के चोटिल होने के चलते जोहैनेसबर्ग टेस्ट में केएल राहुल को कप्तान बनाया गया था। फिर रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में केएल राहुल ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भी टीम की कमान संभाली।
इसके बाद रोहित शर्मा ने घर में वेस्टइंडीज और श्रीलंका के खिलाफ खेली गई लिमिटेड ओवर सीरीज में टीम की कप्तानी की। जून में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी-20 सीरीज में ऋषभ पंत को कप्तान बनाया गया। रोहित को इस सीरीज में आराम दिया गया था और केएल राहुल चोटिल होकर बाहर हो गए थे।
जून के अंत में ही आयरलैंड दौरे पर दो टी-20 मैच की सीरीज के लिए हार्दिक पांड्या को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया। क्योंकि कप्तानी के अन्य उम्मीदवार इंग्लैंड के खिलाफ पुननिर्धारित पांचवें टेस्ट की तैयारियों में व्यस्त थे। इसके बाद पांचवें टेस्ट से ठीक पहले रोहित शर्मा कोविड-19 पॉजिटिव हो गए और तेज जसप्रीत बुमराह को भारतीय टीम की कमान सौंपी गई।
अब वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए शिखर धवन को कप्तान बनाया गया है। रोहित शर्मा, केएल राहुल,जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत औऱ हार्दिक पांड्या इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं।
इससे पहले साल 2017 में श्रीलंका क टीम ने एक वर्ष में सात अलग कप्तानों की नियुक्ति की थी। 2017 में अलग-अलग फॉर्मेट में ऐंजेलो मैथ्यूज़, दिनेश चांदीमल, उपुल थरंगा,रंगना हेराथ, लसिथ मलिंगा, चमारा कापुगेदरा, थिसारा परेरा ने श्रीलंका टीम की कप्तानी की थी।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया की टीम 2021 में,इंग्लैंड की टीम 2011 में और जिम्बाब्वे की टीम ने 2001 में छह अलग-अलग कप्तानों की नियुक्त की थी।