नई दिल्ली, 29 दिसंबर(CRICKETNMORE) । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी ) दिल्ली के निदेशक आर के शिवगावंकर के अचानक इस्तीफा देने के मद्देनज़र मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने अधिकारियों की एक बैठक में आज इस घटनाक्रम पर विचार विमर्श किया तथा संस्थान के निदेशक पर किसी तरह का राजनीतिक दवाब डालने की खबर को निराधार बताया।इस बीच मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस बात का खण्डन किया है कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपनी क्रिकेट अकादमी के लिये दिल्ली आईआईटी परिसर में भूमि की मांग की थी और इस संबंध में मंत्रालय ने कोई निर्देश जारी किया था।

मंत्रालय ने इस बात का भी खण्डन किया है कि दिल्ली आईआईटी पर बकाया वेतन धनराशि का डॉ सुब्रमण्यम स्वामी को भुगतान करने के लिये मंत्रालय ने संस्थान को कोई निर्देश दिया था। मंत्रालय ने कहा कि डॉ स्वामी की वेतन भुगतान संबंधी मांग के बारे में मंत्रालय ने कार्मिक विभाग और वित्त मंत्रालय से राय मांगी गयी थी।

पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मीडिया में प्रचारित इस खबर का खण्डन किया कि वह अपनी क्रिकेट अकादमी के लिये आईआईटी परिसर में भूमि चाहते थे तथा इसके लिये आईआईटी निदेशक पर दवाब डाला गया था। सचिन ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, 'मैं इस तरह की खबरें पढ़कर चकित हूं जिनमें कहा गया है मेरे नाम से क्रिकेट अकेडमी खोलने के लिए दिल्ली आईआईटी से जमीन मांगी गई है। मेरा ऐसी कोई भी अकेडमी खोलने का विचार नहीं है और न ही मैंने किसी जमीन की मांग की है। इस प्रकार से कोई भी खबर छापने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।’सचिन के इस स्पष्टीकरण के बाद संबंधित खबर छापने वाले राजधानी के एक अंग्रेजी दैनिक ने क्षमा याचना कर इस खबर को अपनी वेबसाइट के हटा दिया।

शिवगांवकर के त्यागपत्र को लेकर यह भी चर्चा है कि संस्थान में अध्यापक के रुप में कार्यरत रहे भारतीय जनता पार्टी नेता सुब्रमण्यम स्वामी अपनी बकाया वेतन धनराशि का भुगतान चाहते थे तथा इसके लिये आईआईटी निदेशक पर दवाब डाला जा रहा था। डॉ स्वामी आईआईटी के खिलाफ कानूनी लड़ाई में जीत गये थे तथा दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईआईटी दिल्ली को निर्देश दिया था कि वो डॉ स्वामी को 70 लाख रुपये की बकाया धनराशि का भुगतान करे।

सुब्रमण्यम स्वामी 1972 से 1992 तक आईआईटी दिल्ली में अध्यापक रहे हैं।मीडिया की खबरों के अनुसार शिवगावंकर ने इस्तीफा अपने उपर डाले जा रहे दबाव के कारण दिया है। उन पर दो मांगो को मनवाने का दबाव डाला जा रहा था। इन मांगों के बारे में जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक उन्हें कहा जा रहा था कि वह आईआईटी ग्राउंड को सचिन तेंदुलकर की क्रिकेट अकादमी के लिए उपलब्ध करवाएं ।इस खबर का खंडन करते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा, आईआईटी दिल्ली के ग्राउंड की ज़मीन को अकेडमी के लिए लेने का कोई विचार नहीं कर रहे हैं।


एक अंग्रेजी समाचारपत्र ने खबर दी थी कि सचिन तेंदुलकर क्रिकेट अकेडमी के लिए लगातार उनपर दबाव बना रहे थे जिस कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

गौरतलब है कि दिल्ली के डायरेक्टर रघुनाथ के. शेवगांवकर ने अपना कार्यकाल पूरा होने के दो साल पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबरे की पुष्टि आईआईटी के एक सीनियर अधिकारी ने शनिवार को की। वहीं देश के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।डायरेक्टर आईआईटी परिसर में क्रिकेट अकैडमी खोलने के खिलाफ थे। वह चाहते थे कि कैंपस को सिर्फ छात्र और फैकल्टी ही इस्तेमाल करे।

हिन्दुस्थान समाचार/सपना/अनूप

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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