Ranji Trophy: रणजी ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच खेले गए मैच के दौरान हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) ने दृढ़ साहस और टीम के लिए कुछ भी कर गुजरने की जिद्द का परिचय दिया। फ्रैक्चर हाथ के साथ रिटायर्ड हर्ट होने वाले दाएं हाथ के बल्लेबाज हनुमा विहारी को टीम के लिए टूटे हाथ से और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ के रूप में बल्लेबाजी करते हुए देखा गया। हनुमा विहारी के इस जज्बे ने हर किसी को उनका कायल बना दिया है। 

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ऐसा पहली बार नहीं है कि हनुमा विहारी ने टीम के लिए कुछ भी कर गुजरने की जिद्द का परिचय दिया हो। ऑस्टेलिया दौरे पर सिडनी टेस्ट में भी उन्होंने दर्द में खेलकर टीम इंडिया के लिए मैच बचाया था। हनुमा विहारी ने कहा आंध्र प्रदेश हो या भारत वह हमेशा जीतने के लिए खेलते हैं। जरूरत पड़ी तो वह टीम के लिए एक टांग पर भी खेल सकते हैं।

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हनुमा विहारी से बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने को लेकर सवाल पूछा गया जिसका जवाब देत हुए उन्होंने कहा, 'मैंने तब भी बाएं हाथ से बल्लेबाजी नहीं की जब मैं बहुत छोटा था और टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलता था। गली क्रिकेट में भी मैंने बांए हाथ से बैटिंग नहीं की। मैंने कभी नहीं सोचा था कि फर्स्ट क्लास मैच में वो भी क्वार्टर फाइनल में मुझे बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के लिए आना पड़ेगा।'

बता दें कि टेस्ट मैच के तीसरे दिन आंध्र प्रदेश की टीम दूसरी पारी में 76 रन पर 9 विकेट गिर गए थे। इस मैच में पहली पारी के बाद दूसरी पारी में भी हनुमा ने हिम्मत दिखाई और टीम के लिए बल्लेबाज़ी करने के लिए एक हाथ में प्लास्टर बांधकर उतर गए। हनुमा ने एक हाथ से खेलते हुए अपनी छोटी पारी में 3 चौके लगाए और इनमें से एक चौका रिवर्स स्वीप खेलकर उन्होंने बटोरा जिसपर दिनेश कार्तिक ने उनकी तारीफ भी की है।

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Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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