भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) को ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने के लिए प्रेरित करने का श्रेय दिया। अश्विन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर में खेले गए पहले टेस्ट मैच में विकेट के मामले में हरभजन (417 विकेट) को पीछे छोड़ दिया।
अश्विन भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। उनके अब 80 टेस्ट मैच में 419 विकेट हो गए हैं। इस लिस्ट में उनसे आगे अब सिर्फ अनिल कुंबले (619 विकेट) औऱ कपिल देव (434 विकेट) हैं।
कानपुर टेस्ट के बाद अश्विन ने बीसीसीआई टीवी के लिए श्रेयस अय्यर से बातचीत करते हुए खुद के ऑफ स्पिनर बनने की वजह का खुलासा किया।
अश्विन ने कहा, “ मैं बल्लेबाज था औऱ तमिलनाडु के लिए थोड़ी बहुत तेज गेंदबाजी करता था, तब मुझे पेल्विक स्लिप डिस्क हुई थी। उसके बाद मैं सिर्फ बल्लेबाजी करनी शुरू कर दी थी, मैं बिल्कुल भी गेंदबाजी नहीं करना चाहता था, क्योंकि मैं बस क्रिकेट खेलना चाहता था। लेकिन 2001 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मैंने भज्जू पा (हरभजन) को गेंदबाजी करते हुए देखा, उसके बाद मैंने ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने का फैसला किया।”
अश्विन ने आगे कहा, “ मुझे नहीं पता था कि क्या मैं महामारी के बाद टेस्ट क्रिकेट खेलूंगा। कोविड से पहले क्राइस्टचर्च में खेले गए आखिरी टेस्ट में मैं नहीं खेला था। मैं सोचता रहता था कि क्या मैं टेस्ट मैच खेलूंगा, मेरा भविष्य किधर जा रहा है? क्या मैं टेस्ट टीम में आ सकता हूं? यह इकलौता फॉर्मेट में जिसे मैं खेलता हूं। भगवान दयालु रहे हैं और मैं चीजों को बदलने में सक्षम रहा।”
बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच अगला टेस्ट मैच 3 दिसंबर से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा।