मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के साथ जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए सीनियर बल्लेबाज़ों को ज़िम्मेदार ठहराना बिल्कुल सही होगा। इस टी-20 वर्ल्ड कप में अगर किसी बल्लेबाज़ ने सबसे ज्यादा निराश किया है तो वो हैं टी-20 टीम के उप-कप्तान रोहित शर्मा।

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अगर टी-20 फॉर्मैट में रोहित शर्मा के आंकड़ों पर गौर करें, तो काफी निराशाजनक रहे हैं। भारतीय टीम के पास इस समय टी-20 क्रिकेट में कई ओपनर्स हैं लेकिन रोहित शर्मा को उनकी साख की वजह से प्राथमिकता दी गई। मगर अब उनके खराब प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें भविष्य का टी-20 कप्तान बनाना तो दूर, उनकी टीम में जगह को लेकर भी सवाल उठना लाज़मी हैं।

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आईपीएल की वजह से भारतीय टीम के पास कतार में रुतुराज गायकवाड़, देवदत्त पड्डिकल, पृथ्वी शॉ, वेंकटेश अय्यर, केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन और शुभमन गिल जैसे सलामी बल्लेबाज़ अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं। अगर टी-20 फॉर्मैट में रोहित का फॉर्म ऐसा ही रहता है तो उनकी जगह इन युवा खिलाड़ियों में से किन्हीं दो को सलामी बल्लेबाज़ी की बागडोर दी जानी चाहिए ना कि सिर्फ साख के चलते रोहित को बोझ बनाकर लगातार ढोया जाया जाना चाहिए।

अगर वनडे और टेस्ट की बात करें, तो इन दो फॉर्मैट में रोहित का मुकाबला किसी से नहीं है लेकिन यहां पर बात सिर्फ टी-20 फॉर्मैट की हो रही है। एक खिलाड़ी टीम से बड़ा नहीं हो सकता ऐसे में अगर भारतीय टीम के भविष्य को संवारने के लिए टी-20 टीम से रोहित की बलि भी दी जाती है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। ऐसे में अभी से ही टीम इंडिया को ना सिर्फ नया सलामी बल्लेबाज़ बल्कि भारतीय टी-20 टीम का नया कप्तान भी ढूंढना शुरू कर देना चाहिए।

ऐसा भी हो सकता है कि इस आर्टिकल को देखकर कुछ फैंस रोहित का पक्ष लें, लेकिन अगर हालिया फॉर्म और टी-20 फॉर्मैट के आंकड़े देखे जाएं तो रोहित टी-20 टीम में जगह डिज़र्व नहीं करते हैं। 

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लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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