26 सितंबर। क्रिकेट के भगवान मानें जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने इंटरनेशनल करियर में 100 शतक जमाकर इतिहास रचा है। वनडे में सचिन तेंदुलकर ने 49 शतक तो वहीं टेस्ट में 51 शतक जमाने का कमाल किया है।

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आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर अपने शुरूआती करियर में बतौर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर बल्लेबाजी करते थे। वनडे क्रिकेट में पहली दफा सचिन ने सितंबर 1994 को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ ओपनिंग बल्लेबाजी की और इसके बाद वनडे क्रिकेट में उन्होंने इतिहास लिखने का सिलसिला शुरू कर दिया।

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सचिन तेंदुलकर ने ओपनर बल्लेबाज बननें के पीछे की कहानी फैन्स से शेयर की है। सचिन ने कहा कि उन्हें ओपनिंग करने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा था।

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उस समय भारतीय टीम की रणनीति शुरूआत में विकेट को बचाए रखने की होती थी, लेकिन मैंने इससे उलट किया और तेजी से रन बनानें की कोशिश की। सचिन ने कहा कि मैं आगे बढ़कर विरोधी गेंदबाजों का डटकर सामना करना चाहता था। ऐसे में सबसे पहले तो मुझे ओपनिंग बल्लेबाजी पर जाने को लेकर विनती करनी पड़ी।

जब मुझे ओपनिंग की जिम्मेदारी मिली तो मैं दूसरे के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहता था। सचिन ने कहा कि ओपनिंग उन्होंने मांगकर ली और साथ ही ये भी कहा कि कि यदि मैं विफल रहा तो फिर वापस आपके पास नहीं आउंगा। 
सचिन ने अपने बयान में कहा कि इस बारे में बात करने के पीछे फैन्स को यह मैसेज देना चाहता हूं कि विफलता को पहले से सोचकर आप जोखिम लेने से मत डरो।  

गौरतलब है कि वनडे में पहली बार ओपनिंग करने उतरे सचिन ने शानदार बल्लेबाजी की और 49 गेंद पर 82 रन बनाए। सचिन ने अपनी पारी से मिले मौके को भुनाया और फिर उन्होंने अपने करियर को बतौर ओपनर संवार लिया। सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर का पहला शतक भी बतौर ओपनर ही जमाया था।

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लेखक के बारे में

Vishal Bhagat
Vishal Bhagat - A cricket lover, Vishal is covering cricket for the last 5 years and has worked with the Dainik Bhaskar group in the past. He keeps a sharp eye on the record being made in the cricket world and takes no time to present it to the viewers in the form of articles. Read More
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