भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को दूसरे टी-20 मैच में 100 रनों से हराकर पांच मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया है। इस मैच में भारत की जीत के साथ ही कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी 24 घंटे पहले दिए गए बयान से पलटी मार ली। दरअसल, पहले टी-20 में भारत की हार के बाद शशि थरूर ने बीसीसीआई पर सवाल उठाते हुए उन्हें अहंकारी बोला था और जिम्बाब्वे को हल्के में लेने का आरोप लगाया था।
तिरुवनंतपुरम के सांसद ने पहले टी-20 के बाद ट्वीट किया और लिखा, "भारत की टी-20 वर्ल्ड कप जीत के लिए मुंबई में हुए जश्न की गूंज अभी भी कम नहीं हुई है, लेकिन आज हरारे में जिम्बाब्वे के हाथों हमारी हार हुई है। चीजों को हल्के में लेने के लिए बीसीसीआई को यही मिलना चाहिए था। चाहे 4 जून हो या 6 जुलाई, अहंकार में कमी आई है। बहुत बढ़िया खेला, जिम्बाब्वे।"
इस ट्वीट के बाद भी थरूर को ट्वीट किया गया था लेकिन जब टीम इंडिया दूसरा टी-20 मैच जीत गई तो थरूर ने 24 घंटे में ही पलटी मार ली और एक और ट्वीट करके टीम इंडिया की तारीफ की और कहा कि वो अपनी ट्रोलिंग से भी खुश हैं। थरूर ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, "युवा भारतीय टीम को बधाई, जिसने आज जिम्बाब्वे को 100 रनों से हराया, खासकर अभिषेक शर्मा को, जिनका शतक टी-20 में भारत के लिए तीसरा सबसे तेज शतक था। कल के खराब प्रदर्शन से इतनी जल्दी वापसी देखकर खुश हूं और एक खुशी के कारण ट्रोल किए जाने पर भी खुशी हुई।"
अब, दूसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया की जीत के बाद, भाजपा ने थरूर पर निशाना साधा और पूछा कि क्या वो और कांग्रेस भारतीय टीम से माफी मांगेंगे। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर लिखा, "कांग्रेस, शशि थरूर और उनके इकोसिस्टम ने मोदी और भाजपा से नफरत करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम को अपनी नफरत और नकारात्मकता का शिकार बनाया, उसके एक दिन बाद हमारे लड़कों ने जवाबी हमला किया। जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की। अब सवाल बना हुआ है कि क्या कांग्रेस कल भारत की हार का जश्न क्यों मना रही थी? वो भारत की सेना, संस्था और यहां तक कि खेलों को सिर्फ इसलिए कमजोर क्यों कर रहे हैं क्योंकि वो मोदी से नफरत करते हैं? कांग्रेस भारत विरोधी है।"