विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के भारत दौरे के बाद 2022 की शुरुआत में भारत की टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी। विराट के कप्तानी छोड़ते ही कई तरह की बातें हुई और उस समय बीसीसीआई अध्यक्ष रहे सौरव गांगुली को इसके पीछे मुख्य कारण माना गया। ऐसे में हर कोई सौरव गांगुली का रिएक्शन जानना चाहता था और अब वो दिन आ गया है जब दादा ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

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आज तक के साथ हाल ही में बातचीत में, सौरव ने बताया कि कोहली को यूएई में हुए 2021 वर्ल्ड कप से पहले टी20 कप्तान के रूप में पद छोड़ने के लिए नहीं कहा गया था। गांगुली ने कहा “नहीं (कोहली के टेस्ट कप्तानी छोड़ने पर बोर्ड तैयार नहीं था)। दक्षिण अफ्रीका सीरीज के बाद नहीं। मैं नहीं जानता उसने ऐसा क्यों किया, केवल वो ही बता सकता है।' 

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कोहली ने 2021 में पहले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में भारत का नेतृत्व किया था और 2021 में इंग्लैंड में 2-1 से सीरीज़ में बढ़त भी बनाई, उन्होंने 2021 टी 20 विश्व कप से पहले टेस्ट कप्तान के रूप में पद छोड़ने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद, रोहित शर्मा को सफेद गेंद के दोनों प्रारूपों में कप्तान बना दिया गया। 2022 की शुरुआत में, दक्षिण अफ्रीका में भारत की 2-1 से सीरीज हारने के बाद, कोहली ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वो टेस्ट कप्तान के रूप में अपनी भूमिका से भी हट रेह हैं।

रविवार 11 जून को, भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार गई और गांगुली से जब पूछा गया कि क्या कोहली उस मैच में टीम की बेहतर अगुवाई कर सकते थे जहां भारत पहले दिन से ही बैकफुट पर दिख रहा था, गांगुली ने कहा, 'अभी ऐसा कहने का कोई मतलब नहीं है। क्योंकि कप्तान ने अपनी भूमिका खुद छोड़ दी थी। इस पर अभी बात करने का कोई मतलब नहीं है। चयनकर्ताओं को एक कप्तान नियुक्त करना था। उस समय, रोहित शर्मा सबसे अच्छे विकल्प के रूप में दिखते थे। उन्होंने पांच आईपीएल जीते हैं। जब भी उन्हें कप्तानी का मौका दिया गया, जैसे कि एशिया कप में, उन्होंने जीत हासिल की है। वो सबसे अच्छा विकल्प था। उन्होंने डब्ल्यूटीसी फाइनल में इस बार भी टीम का नेतृत्व किया, भले ही हम हार गए। हम विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में पहुंचे, भले ही हम अच्छा नहीं खेल पाए।"

इसके अलावा दादा ने ये भी कहा कि वर्ल्ड कप से ज्यादा मुश्किल आईपीएल जीतना है। दादा ने कहा, “आईपीएल जीतना इतना आसान नहीं है। ये काफी कठिन टूर्नामेंट है। आईपीएल जीतना वर्ल्ड कप से भी ज्यादा मुश्किल होता है। 14 गेम और फिर आपको प्लेऑफ़ में जगह मिलती है। आप 17 गेम जीतकर ही चैंपियन बन सकते हैं। विश्व कप में आप 4-5 मैचों के बाद सेमीफाइनल में पहुंचते हैं। मेरा मानना है कि रोहित उस समय सबसे अच्छा विकल्प था और आज भी है।"

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लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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