The Hundred Team Owners: आईपीएल 2026 तो 28 मार्च से शुरू है, लेकिन भारत में अचानक ही खिलाड़ियों के नीलाम की खबरों ने क्रिकेट प्रेमियों को टी20 वर्ल्ड कप की जीत के नशे से बाहर निकाला। ये नीलाम है द हंड्रेड नाम के एक व्हाइट बॉल प्रोफेशनल लीग टूर्नामेंट के लिए टीम बनाने के लिए। ये टूर्नामेंट तो 2021 के इंग्लिश क्रिकेट सीज़न में ही शुरू हो गया था पर आईपीएल के होते हुए, और उस पर पुरुष इवेंट में, किसी भी भारतीय स्टार के न खेलने से, भारत में कभी द हंड्रेड की कोई ख़ास चर्चा न हुई।
इस साल सब बदल रहा है और ‘एक और आईपीएल’ स्टाइल का पुरुष और महिला क्रिकेट का इवेंट, जो वास्तव में आईपीएल से काफी अलग है, भारत में खबरों में है। ये द हंड्रेड इवेंट है क्या:
इसके आयोजक: इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और इसे यूके में खेलते हैं।
फॉर्मेट: टी20 लीग की भीड़ से अलग बनाने के लिए, 100-बॉल वाला नया फॉर्मेट (एक पारी में 100 गेंद) अपनाया। वैसे इसके रिकॉर्ड टी20 के तहत ही गिने जाएंगे।
कितनी देर का एक मैच: लगभग ढाई घंटे।
कुछ और ख़ास प्लेइंग कंडीशन:
* एक ओवर में 10 गेंद, हर 10 गेंद के बाद गेंदबाजी दूसरे सिरे से, एक ओवर की ये सभी 10 गेंद एक, और चाहे तो दो गेंदबाज (5+5) भी फेंक सकते हैं (ये कप्तान तय करेगा)।
* एक गेंदबाज, एक मैच में अधिकतम 20 गेंद फेंक सकता है।
टाइमआउट: हर गेंदबाजी कर रही टीम के लिए ढाई मिनट का। इस दौरान कोच ग्राउंड में अपने खिलाड़ियों से टैक्टिक्स पर बात कर सकते हैं।
पावर प्ले: हर पारी के शुरू में हर टीम के लिए 25-गेंद।
टीमें: 7 शहर पर आधारित 8 टीम। 2026 के लिए टीम ये हैं:
• बर्मिंघम फीनिक्स (एजबेस्टन)
• लंदन स्पिरिट (लॉर्ड्स)
• मैनचेस्टर सुपरजायंट्स (एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड)
• MI लंदन (द किआ ओवल)
• सदर्न ब्रेव (साउथेम्प्टन)
• सनराइजर्स लीड्स (हेडिंग्ले)
• ट्रेंट रॉकेट्स (ट्रेंट ब्रिज)
• वेल्श फायर (सोफिया गार्डन्स)
मौजूदा विजेता: नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स (नया नाम सनराइजर्स लीड्स) ने महिला इवेंट जीता, जबकि ओवल इनविंसिबल्स (नया नाम MI लंदन) ने लगातार तीसरे साल पुरुष इवेंट जीता।
2026 के लिए ऑक्शन: पहली बार, रिटेंशन (4) या डायरेक्ट साइनिंग (या दोनों मिलाकर 2+2) के बाद, टीमों के लिए प्लेयर ऑक्शन हुआ।
तो इस तरह से 5 सीजन के बाद, इस साल द हंड्रेड को एक नए अंदाज में खेल रहे हैं, जिसे जानकार तो आईपीएल के इस टूर्नामेंट को अपने रंग में रंगने का नाम दे रहे हैं। असल में कर्जे और परेशानी में डूबे काउंटी क्रिकेट क्लबों को राहत देने के लिए, ECB ने तय किया कि द हंड्रेड में टीमों के मालिकाना हक़ का कुछ हिस्सा बेचते हैं ताकि पैसा जुटाया जा सके। इस एक्शन को ‘द ग्रेट हंड्रेड सेल-ऑफ (The great Hundred sell-off’)’ का नाम मिला। ये क्रिकेट की सबसे बड़ी स्टोरी में से एक है।
सभी 8 टीम की इस अनोखी नीलामी में, हर टीम की वैल्यूएशन तय हुई (जिसके लिए बोली लगी) और उस हिसाब से हिस्सा बिका। सभी 8 टीम की कुल कीमत 975 मिलियन पौंड (लगभग 12038 करोड़ रुपये) निकली और हिस्सा बेचकर 520 मिलियन पौंड (लगभग 6420 करोड़ रुपये) आए। इंग्लैंड ने कभी ऐसा पैसा मिलने की उम्मीद नहीं की थी।
यहां तक कि वे तो लॉर्ड्स की हंड्रेड फ्रेंचाइजी के लिए, सिलिकॉन वैली के टेक दिग्गजों और एक आईपीएल अरबपति (अंबानी परिवार) के बीच लगभग तीन घंटे चली बोली में वेल्युएशन बढ़ाने की लड़ाई देखकर भी हैरान रह गए। विश्वास कीजिए लॉर्ड्स टीम की वेल्युएशन, औसतन हर 15 मिनट में 3 मिलियन पौंड (लगभग 38 करोड़ रुपये) के हिसाब से बढ़ती गई। आखिर में, सिलिकॉन वैली के क्रिकेट प्रेमी, जिसमें गूगल और माइक्रोसॉफ्ट भी शामिल थे, लंदन स्पिरिट की कीमत 295 मिलियन पौंड (लगभग 3644 करोड़ रुपये) लगा कर जीत गए और 49% हिस्सेदारी के लिए 144.5 मिलियन पौंड (लगभग 1785 करोड़ रुपये) का पेमेंट किया।
मिलिए सभी 8 नए टीम मालिकों से:
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड: ओवल इनविंसिबल्स टीम की 123 मिलियन पौंड कीमत पर 49% हिस्सा खरीदा। वे आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के मालिक हैं और खरीदी टीम का नाम बदलकर MI लंदन कर दिया।
नाइटहेड कैपिटल मैनेजमेंट: बर्मिंघम फीनिक्स टीम की 82 मिलियन पौंड कीमत पर 49% हिस्सा खरीदा। यह न्यूयॉर्क का एक इन्वेस्टमेंट फंड है और बर्मिंघम सिटी FC टीम भी इनकी है।
'टेक टाइटन्स': लंदन स्पिरिट टीम की 295 मिलियन पौंड कीमत पर 49% हिस्सा खरीदा। सिलिकॉन वैली के 11 बड़े लोगों ने, जिनमें सत्यन गजवानी (मेजर लीग क्रिकेट के को-फ़ाउंडर और टाइम्स इंटरनेट के वाइस-चेयरमैन), सत्य नडेला (CEO, माइक्रोसॉफ्ट), शांतनु नारायण (CEO, एडोब) और सुंदर पिचाई (CEO, गूगल) भी शामिल हैं, क्रिकेट इन्वेस्टर होल्डिंग्स लिमिटेड नाम का एक कंसोर्शियम बनाया इसके लिए।
संजय गोविल: वेल्श फायर टीम की 64 मिलियन पौंड कीमत पर 50% हिस्सा खरीदा। अगर 5 साल में पेमेंट किया तो कीमत 80 मिलियन पौंड गिनेंगे। वे एक इंडियन-अमेरिकन टेक एंटरप्रेन्योर हैं और MLC फ़्रैंचाइज़ी, वाशिंगटन फ़्रीडम के भी मालिक हैं।
RP संजीव गोयनका ग्रुप: मैनचेस्टर ओरिजिनल्स टीम की 107 मिलियन पौंड कीमत पर 70% हिस्सा खरीदा। वह आईपीएल टीम लखनऊ सुपरजायंट्स (आईपीएल की सबसे महंगी फ़्रैंचाइज़ी) के मालिक हैं। खरीदी टीम का नाम बदलकर मैनचेस्टर सुपरजायंट्स कर दिया।
द सन ग्रुप: नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स टीम की 100.5 मिलियन पौंड कीमत पर 100% हिस्सा खरीदा। चेन्नई का यह ग्रुप आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद का मालिक है। खरीदी टीम का नाम बदलकर सनराइजर्स लीड्स कर दिया।
केन इंटरनेशनल/एरेस मैनेजमेंट: ट्रेंट रॉकेट्स टीम की 79 मिलियन पौंड कीमत पर 49% हिस्सा खरीदा।
GMR ग्रुप: हैम्पशायर (जिसके मालिक भी वे हैं) के साथ पार्टनरशिप में सदर्न ब्रेव टीम की 98 मिलियन पौंड कीमत पर 49% हिस्सा खरीदा। वे आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के बराबर हिस्सेदार हैं। खरीदी टीम का नाम नहीं बदला।
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चरनपाल सिंह सोबती