पिछले काफी समय से अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा आलोचकों के निशाने पर रहे हैं। इन दोनों खिलाड़ियों के बल्ले से बड़ी पारियां देखे अरसा हो गया है और यही कारण है कि अब वक्त आ गया है कि इन दोनों को 40-50 नहीं बल्कि बड़ी पारियां खेल कर अपनी जगह को बचाना होगा।
रहाणे को हाल ही में उप-कप्तानी से बर्खास्त किया गया है और इस साल उनका औसत 20 से भी नीचे रहा है। पुजारा ने भी लंबे समय से कोई खास प्रदर्शन नहीं किया है और भारत के पिछले कुछ मैचों में उनका खराब प्रदर्शन उनकी आलोचना का कारण बना है। यही कारण है कि आगामी दक्षिण अफ्रीका दौरा इस जोड़ी के लिए आखिरी दौरा साबित हो सकता है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक अधिकारी ने रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, “रहाणे को उप-कप्तान के रूप में हटाना उनके लिए एक स्पष्ट चेतावनी संकेत है। टीम में एक वरिष्ठ सदस्य के रूप में, उन्हें और अधिक योगदान देने की जरूरत है। पुजारा के लिए भी यही सच है। उन्हें भी काफी समय हो गया है और अब टीम को उनसे बड़े मैचों में महत्वपूर्ण पारियां खेलने की उम्मीद है।
आगे बोलते हुए इस अधिकारी ने कहा, "यदि ये दोनों बड़ा स्कोर करते हैं और सीरीज पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं, तो दोनों अपना टेस्ट करियर बचाने में सफल हो पाएंगे। लेकिन इन्हें बड़ी पारियां खेलनी होंगी क्योंकि इस बार 40-50 रनों की पारियों से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।"