बेंगलुरू, 28 फरवरी (CRICKETNMORE)| भारत में आकर उसे उसके हथियार से ही कैसे शिकस्त दी जाती है यह ऑस्ट्रेलिया ने पुणे में बताया है। स्पिन के दम पर भी भारत ने पिछले कई दशकों से अपने घर में और बाहर विपक्षी टीमों को मात दी है। उसी स्पिन को हथियार बनाकर ऑस्ट्रेलिया ने सभी को हैरान किया और भारत के पिछले 19 मैचों से चले आ रहे अपराजित रहने के सिलसिले को तोड़ा। इसके लिए उसने तैयारी भी की। भारत की स्थितियों को भांपते हुए ऑस्ट्रेलिया ने भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी श्रीधरन श्रीराम और इंग्लैंड के मोंटी पनेसर को स्पिन सलाहकार के रूप में नियुक्त किया था।

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श्रीधरन ने किस तरह से ऑस्ट्रेलिया को उस जमी के लिए तैयार किया जहां उन्होंने बचपन से क्रिकेट खेली इसका अंदाजा पहले मैच से ही लगाया जा सकता है। 

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वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने श्रीधरन के हवाले से लिखा, "आप बुरे से बुरे हालात के लिए तैयारी करते हो। लेकिन आपको इस दौरान सर्वश्रेष्ठ मिल जाए तो आप उसके लिए खेलते हैं। मेरा मानना है कि दुबई में हमारी तैयारी शानदार रही। हमने अलग-अलग तरह की पिचें बनाईं। हमने रफ विकेट भी बनाए, स्पिन लेने वाली पिचें भी बनाई, हमने धीमी और निची रहने वाली पिचें भी बनाईं। इसलिए अलग-अलग तरह की पिचें और हमारे सामने आने वाली हर चुनौती को लेकर हमने अच्छी तैयारी की।"

पुणे में ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज स्टीव ओकीफ ने 12 विकेट लेकर मेजबानों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। श्रीराम ने मैच के दौरान उनसे बात भी की थी। 

श्रीधरन ने ओकीफ के बारे में कहा, "उन्होंने मुझसे कहा था कि वह थोड़े से घबराए हुए हैं। वह सहज स्थिति में नहीं थे और ऑस्ट्रेलिया में जिस तरह से गेंदबाजी करते हैं उसी तरह से करना चाहते थे। मैंने कहा ठीक है। मैंने उनसे कहा कि आपको क्या लगता कि इस विकेट पर क्या करने की जरूरत है? उन्होंने कहा कि मुझे राउंड और थोड़ी तेज गेंदबाजी करने की जरूरत है। मैंने कहा ठीक है ऐसा ही करिए।"

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श्रीधरन भारत के लिए आठ एकदिवसीय मैच खेले हैं और 81 रन बनाए हैं तथा नौ विकेट लिए हैं। उन्होंने घरेलू सत्र में असम, महाराष्ट्र और गोवा के लिए क्रिकेट खेली है। इससे पहले उन्होंने 2015 में ऑस्ट्रेलिया-ए के साथ काम किया था। 

 

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श्रीधरन ने कहा, "मैंने जानता हूं कि एक स्पिनर के तौर पर विफल होने के लिए आपको क्या चाहिए होता है। मेरा मानना है कि सफल होने के लिए क्या चाहिए इससे ज्यादा आपको विफल होने के लिए क्या चाहिए यह पता होना चाहिए। 19 साल की उम्र तक मैंने भारत में घरेलू क्रिकेट में एक स्पिन गेंदबाज के रूप में ही खेला है। इसलिए मुझे पता है कि भारत में स्पिनरों को क्या करने की जरूरत है।"

उन्होंने कहा, "भारत एक बड़ा देश है। अगर आप कहें कि यहां ये चीज काम करेगी तो ऐसा नहीं है। आपको सामने आने वाली हर चीज से तालमेल बिठाना होगा। आपको देखना होगा कि उस दिन आपके लिए कौनसी चीज फायदेमंद है।"

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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