भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायडू अपनी तकनीक और स्थिर प्रदर्शन के लिए पहचाने जाते हैं। घरेलू स्तर पर जलवा बिखेरने के अलावा, उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी खास पहचान बनाई। उन्होंने भारत की ओर से सीमित ओवरों में प्रदर्शन करते हुए कई अहम पारियां भी खेली।

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23 सितंबर 1985 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जन्मे अंबाती रायडू को महज 16 साल की उम्र में भारत के अगले बड़े बल्लेबाज के रूप में देखा जाने लगा था।

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साल 2002 में रायडू ने सलामी बल्लेबाज के रूप में नाबाद 177 रनों की पारी खेलते हुए इंग्लैंड में भारत की अंडर-19 टीम को वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करने में मदद की थी।

इसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद की ओर से खेलते हुए आंध्र प्रदेश के खिलाफ एक सेंचुरी और एक डबल सेंचुरी लगाकर अपनी काबिलियत साबित की। साल 2004 में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

साल 2007 में अनधिकृत इंडियन क्रिकेट लीग खेलने के चलते अंबाती रायडू महज 21 साल की उम्र में विवादों में आ गए थे। साल 2007 में इंडियन क्रिकेट लीग में खेलने के फैसले ने उनके भारत के लिए खेलने की संभावनाओं को लगभग समाप्त कर दिया था, लेकिन साल 2009 में उनके माफी प्रस्ताव को बीसीसीआई ने स्वीकार कर लिया, जिसके बाद अगले साल उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए चुना गया।

अंबाती रायडू को साल 2013 में इंटरनेशनल लेवल पर डेब्यू का मौका मिला था। जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे डेब्यू मैच में ही उन्होंने 84 गेंदों में नाबाद 63 रन की पारी खेली। भारत ने इस मैच को 6 विकेट से अपने नाम किया और सीरीज में 5-0 से क्लीन स्वीप किया।

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शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें विश्व कप 2015 के लिए चुना गया, लेकिन एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका। अगले ही साल उन्हें टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर कर दिया गया।

आखिरकार, साल 2018 में उन्होंने वनडे टीम में वापसी की और उस साल भारत की ओर से खेले गए 20 मैचों में से 11 मुकाबलों में खेलते हुए एक शतक जमाया। हालांकि, साल 2019 में उन्हें विश्व कप टीम से बाहर कर दिया गया।

यह वो वक्त था जब दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को चौथे क्रम के बल्लेबाज के तौर पर देखा जा रहा था। यह नंबर लंबे समय से टीम इंडिया के लिए सिरदर्द था। रायडू ने आकर इस जगह पर खुद को साबित किया, लेकिन विश्व कप टीम में उनकी अनदेखी की गई। नाराज रायडू ने इसके बाद व्यंग्यात्मक ट्वीट करते हुए लिखा था, "विश्व कप देखने के लिए अभी थ्री डी (त्रिआयामी) चश्मे मंगाए हैं।"

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रायडू का यह ट्वीट चयन समिति के तत्कालीन अध्यक्ष एमएसके प्रसाद के उस बयान पर था, जिसमें प्रसाद ने बताया था कि विजय शंकर का चयन इसलिए हुआ क्योंकि उनके बाद 'त्रिआयामी क्षमता' है।

इस अनदेखी के बाद रायडू ने सभी तरह के क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी, लेकिन उन्होंने जल्द ही अपना फैसला वापस ले लिया। इसके बाद वह घरेलू क्रिकेट में हैदराबाद की कप्तानी करने के साथ आईपीएल में भी खेले।

अंबाती रायडू के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने भारत की ओर से 55 वनडे मुकाबलों में 47.05 की औसत के साथ 1,694 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, 6 टी20 मुकाबलों में यह खिलाड़ी महज 42 रन ही जुटा सका।

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अंबाती रायडू ने 97 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 45.56 की औसत के साथ 6,151 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 16 शतक और 34 अर्धशतक देखने को मिले।

अंबाती रायडू के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने भारत की ओर से 55 वनडे मुकाबलों में 47.05 की औसत के साथ 1,694 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, 6 टी20 मुकाबलों में यह खिलाड़ी महज 42 रन ही जुटा सका।

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आईपीएल प्रदर्शन को देखें, तो रायडू ने 203 मुकाबलों में 28.05 की औसत के साथ 4,348 रन जुटाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 22 अर्धशतक जमाए। अंबाती रायडू आईपीएल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं, जो छह बार ट्रॉफी जीतने वाली टीम के अहम सदस्य रहे हैं।

Article Source: IANS
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