विजय हजारे ट्रॉफी में रनों का अंबार लगा रहे देवदत्त पड्डिकल, बोले- अपने गेम को समझना जरूरी है
देवदत्त पड्डिकल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा, "जब आप अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग करना शुरू करते हैं, तो आप अपने गेम के बारे में बहुत कुछ सीखते हैं। मुझे लगता है कि क्रिकेट में, अपने गेम को अंदर से बाहर तक समझना जरूरी है, तभी आप अपना बेस्ट दे सकते हैं। अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग करने से मुझे यह समझने में मदद मिली है कि गेम के अलग-अलग फेज में मुझे किन क्षेत्रों पर टारगेट करना है, और इससे मुझे इतने सालों में अपनी इनिंग्स को बेहतर बनाने में मदद मिली है।"
उन्होंने कहा कि हर मैच में एक ही तरह से खेलना आसान है, लेकिन बड़े स्कोर नहीं बना पाते। यह जरूरी था कि मैं खुद को ढालूं और इसमें निरंतरता लाऊं। जब आप रन बना रहे होते हैं, तो यह मानना आसान होता है कि गेम खेलने का सिर्फ एक ही तरीका है। अक्सर यहीं पर आप एक समय के बाद फॉर्म खो देते हैं। अगर आप निरंतरता के साथ बड़े रन बनाना चाहते हैं, तो गेम को समझना और जितनी जल्दी हो सके एडजस्ट करना जरूरी है। इसके लिए तकनीक से ज्यादा मानसिक तौर पर तैयार रहना जरूरी है।
देवदत्त पड्डिकल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा, "जब आप अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग करना शुरू करते हैं, तो आप अपने गेम के बारे में बहुत कुछ सीखते हैं। मुझे लगता है कि क्रिकेट में, अपने गेम को अंदर से बाहर तक समझना जरूरी है, तभी आप अपना बेस्ट दे सकते हैं। अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग करने से मुझे यह समझने में मदद मिली है कि गेम के अलग-अलग फेज में मुझे किन क्षेत्रों पर टारगेट करना है, और इससे मुझे इतने सालों में अपनी इनिंग्स को बेहतर बनाने में मदद मिली है।"
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विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के बल्लेबाज देवदत्त पड्डिकल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। सीजन के 7 मैचों में पड्डिकल 600 से अधिक रन बना चुके हैं। लिस्ट ए क्रिकेट में बेहतरीन रिकॉर्ड के बाद भी उन्हें अब तक भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से वनडे में डेब्यू का इंतजार है। लिस्ट ए के 40 मैचों में 13 शतक और इतने ही अर्धशतक की मदद से वह 2,711 रन बना चुके हैं।