न्यूजीलैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में मानव सुथार को शामिल न किए जाने से भारत के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक को 'झटका' लगा है। कार्तिक मानते हैं कि यह युवा बाएं हाथ का स्पिन ऑलराउंडर हाल के दिनों में लंबे फॉर्मेट (टेस्ट क्रिकेट) में टीम का सबसे अच्छा गेंदबाज रहा है।
सुथार ने अपने टेस्ट के तीन मुकाबलों में 23 विकेट हासिल किए हैं। इनमें से 16 विकेट अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ भारत की 1-0 से सीरीज जीत के दौरान आए थे, लेकिन उन्हें न्यूजीलैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज के लिए जगह नहीं मिल सकी।
इस टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में तीन स्पिन विकल्पों को चुना है। कुलदीप यादव को एकमात्र स्पेशलिस्ट स्पिनर के रूप में टीम में रखा गया है, जबकि उनके साथ ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर भी शामिल हैं। इन तीनों में से केवल जडेजा ने ही पहले न्यूजीलैंड में टेस्ट मैच खेला है।
मुरली कार्तिक ने सोमवार को 'सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क' की तरफ से आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में 'आईएएनएस' को बताया, "सबसे अहम बात यह है कि हाल ही में खेले गए टेस्ट मैचों में मानव सुथार सबसे बेहतरीन गेंदबाज रहे हैं। सच कहूं तो, यह मेरे लिए काफी हैरान करने वाली बात है। जब मैंने टीम देखी, तो मैं खुद हैरान रह गया। जैसा कि आपने बिल्कुल सही कहा, मानव सुथार इस सीजन की सबसे बेहतरीन खोज रहे हैं, खासकर अश्विन के बाद। हम लंबे समय से एक ऐसे गेंदबाज की तलाश में थे, जो टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन कर सके। अक्सर कुलदीप को टीम में न चुनने के पीछे यह तर्क दिया जाता है कि वह बाकी खिलाड़ियों की तरह अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर सकते, लेकिन मानव सुथार इस पैमाने पर भी खरे उतरते हैं। सबसे अहम बात, बल्लेबाजी को एक तरफ रख दें। मैं किसी खिलाड़ी को सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर नहीं देखता। हां, आज के दौर के क्रिकेट में आप उम्मीद करते हैं कि खिलाड़ी कुछ उपयोगी रन भी बनाए, क्योंकि आप ऐसे खिलाड़ी को टीम में नहीं रखना चाहेंगे, जो बिल्कुल भी बल्लेबाजी न कर सके।"
सुथार अब इंडिया 'ए' टीम के साथ तीन रेड-बॉल मुकाबलों के लिए न्यूजीलैंड जाएंगे। वहां उन्हें तेज हवाओं और ऐसी पिचों पर असरदार गेंदबाजी करने का तरीका खोजना होगा, जो शायद स्पिनर्स को ज्यादा मदद न दें।
मानव सुथार ने इस साल वार्विकशायर के लिए काउंटी चैंपियनशिप के छह मैचों में 27 विकेट लिए, जिससे विदेशी परिस्थितियों में गेंदबाजी करने की उनकी रणनीतिक समझ बेहतर हुई। कार्तिक ने आगे कहा कि कुलदीप के साथ-साथ सुथार भी भारत को टेस्ट मैचों में विकेट लेने का एक बेहतरीन विकल्प देते हैं।
उन्होंने कहा, "मुझे बहुत हैरानी हुई कि उन्हें टीम में नहीं चुना गया। मुझे समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे क्या तर्क है। ऐसा तो नहीं है कि आप एक अतिरिक्त खिलाड़ी को टीम में नहीं रख सकते। सबसे बड़ी बात, वह विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। कुलदीप यादव भी विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, लेकिन उनकी कहानी थोड़ी अलग है। श्रीलंका दौरे को ही याद कर लीजिए। उन्होंने पहला टेस्ट मैच खेला, लेकिन दूसरे टेस्ट में उन्हें नहीं खिलाया गया। अगर आप उनके आंकड़े देखें, तो तीनों फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। उनके करियर में काफी उतार-चढ़ाव रहे हैं। वे लगातार कई मैच नहीं खेल पाए हैं। शायद इसी वजह से उन्हें दूसरे मैच में नहीं चुना गया। उस समय मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन किया था। मुझे थोड़ी हैरानी है क्योंकि कुलदीप यादव के अलावा, वे विकेट लेने के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं।"
न्यूजीलैंड के मैदानों के अलग-अलग आयाम और वसंत के मौसम में तेज हवाओं के बीच लाल और सफेद गेंद, दोनों प्रारूपों में स्पिनर्स को कैसे गेंदबाजी करनी चाहिए, इस पर कार्तिक का मानना था कि इसका कोई तय फॉर्मूला नहीं है।
मुरली कार्तिक ने कहा, "मुझे लगता है कि आपको मैदान के डाइमेंशन्स (आकार-प्रकार) के हिसाब से खेलना होगा। आपको हवा को भी ध्यान में रखना होगा, क्योंकि वहां तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, वहां के मैदानों का आकार भी काफी अजीब होता है, वे पूरी तरह से गोल नहीं होते। उनमें से कई मैदान तो बहुत छोटे भी हैं। इसलिए, आपको काफी हिम्मत दिखानी होगी। कुल मिलाकर, आपको इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर खेलना होगा। यह देखना होगा कि उस दिन पिच कैसा बर्ताव कर रही है। इसलिए, हर जगह एक ही रणनीति काम नहीं आएगी। हर मैदान की अपनी अलग खासियत होती है। हर जगह की अपनी अलग खूबियां होती हैं, इसलिए वहां की परिस्थितियों में खेलते समय आपको बहुत फुर्तीला रहना होगा और तुरंत फैसले लेने होंगे।"
न्यूजीलैंड में टेस्ट मैच खेलने का अनुभव सिर्फ जडेजा और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत के पास है। पंत अभी बाईं तरफ की मांसपेशियों में खिंचाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में कार्तिक को लगता है कि वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में होने वाले टेस्ट मैचों में भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा होगी।
मुरली कार्तिक ने कहा, "मुझे लगता है कि आपको मैदान के डाइमेंशन्स (आकार-प्रकार) के हिसाब से खेलना होगा। आपको हवा को भी ध्यान में रखना होगा, क्योंकि वहां तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, वहां के मैदानों का आकार भी काफी अजीब होता है, वे पूरी तरह से गोल नहीं होते। उनमें से कई मैदान तो बहुत छोटे भी हैं। इसलिए, आपको काफी हिम्मत दिखानी होगी। कुल मिलाकर, आपको इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर खेलना होगा। यह देखना होगा कि उस दिन पिच कैसा बर्ताव कर रही है। इसलिए, हर जगह एक ही रणनीति काम नहीं आएगी। हर मैदान की अपनी अलग खासियत होती है। हर जगह की अपनी अलग खूबियां होती हैं, इसलिए वहां की परिस्थितियों में खेलते समय आपको बहुत फुर्तीला रहना होगा और तुरंत फैसले लेने होंगे।"
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Article Source: IANS