भारत के खिलाफ अपने ऐतिहासिक टी20 इंटरनेशनल मैच के बारे में बात करते हुए जापान के कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा कि उनकी टीम ने मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन के खिलाफ शानदार आत्मविश्वास दिखाया और यह उनकी टीम के लिए सीखने का एक बड़ा मौका था।
इसके अलावा, काडोवाकी-फ्लेमिंग का मानना है कि दुनिया की शीर्ष क्रिकेट टीमों के साथ अंतर कम करने के लिए जापान में जमीनी स्तर पर क्रिकेट के विकास पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर देशभर में ग्रासरूट कार्यक्रमों का विस्तार किया जाए और अधिक युवाओं को क्रिकेट से जोड़ा जाए, तो जापानी क्रिकेट को लंबे समय में काफी फायदा होगा।
जापान और भारत के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) ने तोचिगी प्रांत के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में एक विशेष मैच का आयोजन किया गया। यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि पहली बार जापान ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत की मेजबानी की। काडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा कि इस तरह के मुकाबले जापानी खिलाड़ियों को बड़े स्तर का अनुभव देने के साथ-साथ देश में क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस यादगार मैच के टिकट कुछ ही घंटों में बिक गए और इसमें रिकॉर्ड 2,149 दर्शक शामिल हुए - जो जापान में किसी क्रिकेट मैच के लिए अब तक की सबसे ज्यादा उपस्थिति थी। इसके साथ ही अंग्रेजी और जापानी भाषाओं में आधिकारिक ऑनलाइन स्ट्रीमिंग पर इसे 20 लाख से ज्यादा बार देखा गया।
शुक्रवार को जेसीए के एक बयान में काडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा, "भारत और जापान की रैंकिंग में अंतर होने के बावजूद हम पूरे मैच में आत्मविश्वास के साथ खेले और उन्हें चुनौती दी। हालांकि, दुर्भाग्य से हम इस बार हार गए, लेकिन हम आज के अनुभव का इस्तेमाल करके भविष्य में टॉप-रैंक वाली टीमों को हराना चाहते हैं और बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।"
इस यादगार मैच के टिकट कुछ ही घंटों में बिक गए और इसमें रिकॉर्ड 2,149 दर्शक शामिल हुए - जो जापान में किसी क्रिकेट मैच के लिए अब तक की सबसे ज्यादा उपस्थिति थी। इसके साथ ही अंग्रेजी और जापानी भाषाओं में आधिकारिक ऑनलाइन स्ट्रीमिंग पर इसे 20 लाख से ज्यादा बार देखा गया।
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काडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा, "सबसे बड़ा फर्क ट्रेनिंग सिस्टम और क्रिकेट माहौल में है। भारत में क्रिकेट हर जगह खेला जाता है और खिलाड़ियों को कम उम्र से ही बेहतरीन सुविधाएं और प्रतिस्पर्धा मिलती है।" उन्होंने कहा कि जापान को भी क्रिकेट के विकास के लिए जमीनी स्तर पर अपने कार्यक्रमों का विस्तार करना होगा, ताकि अधिक बच्चे और युवा इस खेल से जुड़ सकें। काडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा, "जापानी क्रिकेट में हमारे लिए चुनौती यह है कि हम इस खेल के बारे में जागरूकता न सिर्फ सानो में, बल्कि पूरे देश में फैलाएं। मेरा मानना है कि हमें ऐसे प्रोग्राम बनाने चाहिए जिनसे बच्चे अपनी स्किल्स को बेहतर बना सकें।"