भारत के दिग्गज स्पिनर्स का जब जिक्र होता है, तो उस लिस्ट में रविचंद्रन अश्विन का नाम भी शान से लिया जाता है। अश्विन ने अपने इंटरनेशनल करियर में वो तमाम उपलब्धियां हासिल कीं, जिसका सपना एक क्रिकेटर देखता है। अश्विन टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 250 और 300 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाज रहे।
अश्विन का जन्म 17 सितंबर, 1986 को चेन्नई में हुआ। अश्विन के पिता खुद एक मध्यम गति के गेंदबाज थे और पिता को देखकर ही अश्विन क्रिकेट से परिचित हुए। धीरे-धीरे अश्विन का लगाव क्रिकेट के प्रति बढ़ता चला गया। अश्विन अपने करियर की शुरुआत में सलामी बल्लेबाज हुआ करते थे।
हालांकि, 14 वर्ष की उम्र में अश्विन बुरी तरह से चोटिल हो गए थे, जिसके कारण उन्हें काफी समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। इसके बाद अश्विन ने क्रिकेट के मैदान पर वापसी की, तो सलामी बल्लेबाज की जगह भर चुकी थी। मां के कहने पर अश्विन ने स्पिन गेंदबाजी में हाथ आजमाए और जल्द ही वह इसमें रम गए।
अश्विन ने इसके बाद घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। साल 2010 में उन्हें भारतीय टीम से बुलावा आया। जिम्बाब्वे के खिलाफ अश्विन ने वनडे फॉर्मेट में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसी साल उन्होंने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। वहीं, क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में अश्विन को डेब्यू करने का मौका 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिला। अश्विन ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के बूते जल्द ही भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली।
अश्विन विश्व कप 2011 में चैंपियन बनी भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे। वहीं, 2013 में उन्होंने एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जिताने में भी अहम भूमिका निभाई। अश्विन ने भारत के लिए खेले 106 टेस्ट मैचों में कुल 537 विकेट चटकाए। इस दौरान उन्होंने 37 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया।
अश्विन ने इसके बाद घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। साल 2010 में उन्हें भारतीय टीम से बुलावा आया। जिम्बाब्वे के खिलाफ अश्विन ने वनडे फॉर्मेट में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसी साल उन्होंने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। वहीं, क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में अश्विन को डेब्यू करने का मौका 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिला। अश्विन ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के बूते जल्द ही भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली।
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अश्विन टेस्ट क्रिकेट में इकलौते ऐसे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने 500 से अधिक विकेट लेने के साथ-साथ इस फॉर्मेट में 6 शतक भी लगाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा बार 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' जीतने का रिकॉर्ड अश्विन के नाम दर्ज है। उन्होंने अपने करियर के दौरान कुल 11 बार 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड जीता। अश्विन को साल 2005 में भारतीय सरकार ने 'पद्म श्री' अवॉर्ड से सम्मानित किया था। वहीं, 2015 में उन्हें 'अर्जुन पुरस्कार' से नवाजा गया था।