T20 World Cup Cricket Match: यूएसए के बैट्समैन एरॉन जोन्स पर क्रिकेट वेस्टइंडीज (सीडब्ल्यूआई) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के एंटी-करप्शन कोड के पांच उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, जिसके चलते जोन्स को तत्काल प्रभाव से क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है।
ये आरोप बारबाडोस की बीम10 लीग 2023/24 के साथ-साथ इंटरनेशनल मैचों में हुई कथित घटनाओं से जुड़े हैं। उनके पास 28 जनवरी, 2026 से आरोपों का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय है।
आईसीसी ने बताया, सीडब्ल्यूआई कोड के आर्टिकल 2.1.1 का उल्लंघन – बीम10 टूर्नामेंट 2023/24 में मैचों के नतीजे, प्रगति, आचरण या अन्य पहलू को फिक्स करना, फिक्स करने की साजिश रचना या किसी भी तरह से गलत तरीके से प्रभावित करना, या किसी समझौते या प्रयास का हिस्सा बनना (या ऐसा करने की कोशिश करना)।
सीडब्ल्यूआई कोड के आर्टिकल 2.4.2 का उल्लंघन– क्रिकेट वेस्टइंडीज को ऐसे किसी भी संपर्क या निमंत्रण की जानकारी न देना जो सीडब्ल्यूआई कोड का उल्लंघन हो।
सीडबल्यूआई कोड के आर्टिकल 2.4.4 का उल्लंघन– नामित भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारी (या उसके प्रतिनिधि) द्वारा सीडब्ल्यूआई कोड के तहत संभावित अपराधों के संबंध में की गई उचित जांच में सहयोग करने में विफल रहना या इनकार करना है।
जोन्स ने यूएसए के लिए 52 वनडे और 48 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं; फिलहाल, वह 7 फरवरी से शुरू होने वाले ग्लोबल इवेंट से पहले श्रीलंका में अपनी नेशनल टीम के साथ पुरुषों के टी20 वर्ल्ड कप तैयारी कैंप में हैं।
आईसीसी कोड के आर्टिकल 2.4.4 का उल्लंघन– आईसीसी एसीयू को आईसीसी कोड के तहत भ्रष्ट आचरण में शामिल होने के लिए मिले किसी भी संपर्क या निमंत्रण की पूरी जानकारी न देना।
आईसीसी ने आगे कहा कि आईसीसी कोड के आर्टिकल 2.4.7 का उल्लंघन – एसीयू की संभावित भ्रष्ट आचरण की जांच में बाधा डालना, ऐसी जानकारी को छिपाना और/या उसमें छेड़छाड़ करना जो जांच के लिए प्रासंगिक हो सकती थी, या जो सबूत बन सकती थी या भ्रष्ट आचरण के सबूतों की खोज का कारण बन सकती थी।
आईसीसी कोड के आर्टिकल 2.4.4 का उल्लंघन– आईसीसी एसीयू को आईसीसी कोड के तहत भ्रष्ट आचरण में शामिल होने के लिए मिले किसी भी संपर्क या निमंत्रण की पूरी जानकारी न देना।
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आईसीसी ने कहा, "ये आरोप एक बड़ी जांच का हिस्सा हैं, जिसके परिणामस्वरूप उचित समय पर अन्य प्रतिभागियों के खिलाफ और भी आरोप लगाए जाने की संभावना है। अनुशासनात्मक कार्यवाही के नतीजे आने तक आईसीसी इस मामले पर कोई और टिप्पणी नहीं करेगा।"