UP Warriorz: भारतीय महिला क्रिकेट के लिए पार्श्वी चोपड़ा एक फ्यूचर स्टार हैं। जब उनकी गेंद सही टप्पे पर पड़ती है तो बल्लेबाज के पास उसका कोई जवाब नहीं होता।

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पार्श्वी ने अपनी घूमती गेंदों से विपक्षी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया है। चाहे अंडर-19 वर्ल्ड कप हो या महिला प्रीमियर लीग, इस गेंदबाज ने बल्लेबाजों को अपनी गुगली के जाल में फंसाकर खूब नाच नचाया है।

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वैसे तो इस गेंदबाज के पास ज्यादा अनुभव नहीं है। मगर अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही पार्श्वी चोपड़ा ने क्रिकेट जगत में अपनी छाप छोड़ी है।

पार्श्वी ने महज 16 साल की उम्र में वर्ल्ड कप जीता और अब महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में अपनी लेग स्पिन का लोहा मनवा रही हैं।

पार्श्वी डब्ल्यूपीएल में यूपी वॉरियर्स का हिस्सा हैं। वैसे तो यूपी वॉरियर्स में कई सीनियर गेंदबाज भी शामिल हैं, लेकिन पार्श्वी ने टीम में अपनी अलग पहचान बनाई है।

आईएएनएस के साथ एक खास इंटरव्यू में पार्श्वी चोपड़ा ने अपने सफर से जुड़ी कुछ खास बातें शेयर की।

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साथ ही उन्होंने डब्ल्यूपीएल के पहले सीजन के दूसरे मैच में 17वें और 19वें ओवर में गेंदबाजी करने के लिए चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाने के अनुभव को याद किया।

20 मार्च, 2023 को ब्रेबॉर्न स्टेडियम में यूपी वॉरियर्स और गुजरात जायंट्स के बीच एक रोमांचक मुकाबला खेला गया था।

इस मैच में गुजरात ने पहले 3 विकेट जल्दी गंवा दिए थे। इसके बाद डी हेमलता और एश्ले गार्डनर की जोड़ी ने 93 रन जोड़ गुजरात की पारी को पटरी पर लौटा दिया था।

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दोनों ही बल्लेबाज यूपी के गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बटोर रहे थे। उनकी बल्लेबाजी को देखकर यह कहना गलत नहीं था कि टीम एक बड़ा टारगेट सेट करेगी। लेकिन, इस जोड़ी को खतरनाक होता देख, यूपी वॉरियर्स की कप्तान एलिसा हिली ने डेथ ओवर में गेंद 16 साल की पार्श्वी चोपड़ा को थमाई, जिसने अपनी 'गुगली' और 'लेग स्पिन' से भारत को अंडर-19 चैंपियन बनाने के लिए अहम भूमिका निभाई थी।

यूपी वॉरियर्स की कप्तान का यह फैसला सही साबित हुआ और इस युवा लेग स्पिनर ने 2 ओवर के भीतर दोनों ही बल्लेबाजों को अपनी गुगली में जाल में फंसाकर पवेलियन की राह दिखा दी। इस तरह गुजरात जायंट्स बड़ा स्कोर नहीं बना पाई।

हालांकि, पार्श्वी ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने डब्ल्यूपीएल डेब्यू में ज्यादा इम्पैक्ट नहीं डाला, लेकिन उन्होंने जाइंट्स के खिलाफ महत्वपूर्ण विकेट लेकर अपनी छाप छोड़ी, जिसके लिए उनकी सराहना हुई।

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पार्श्वी ने फ्रेंचाइजी द्वारा आयोजित आईएएनएस के साथ एक खास इंटरव्यू में कहा, "मैंने हमेशा महसूस किया है कि मेरी ताकत मेरी 'गुगली' है और वारियर्स में मेरे गेंदबाजी कोच एशले नोफ्के ने मुझसे कहा था कि पार्श्वी, तुम्हें अधिक गुगली करने का लक्ष्य रखना चाहिए क्योंकि टी20 एक ऐसा फॉर्मेट है, जहां गेंदबाजों को मार पड़ेगी।

"इसके अलावा, वह मैदान बहुत छोटा था और लेग स्पिनर के रूप में गुगली पर अधिक निर्भर रहने की सलाह दी गई थी। जब वह आई, तो मेरी योजना मेरी गुगली पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की थी और इसके परिणामस्वरूप मुझे विकेट मिला।''

तीन मैचों में अपने चार विकेटों के अलावा, पार्श्वी ने डब्ल्यूपीएल 2023 के दौरान एक महत्वपूर्ण सबक सीखा।

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उन्होंने कहा, "शुरुआत में मैंने सोचा, मुझे सिर्फ अपनी गेंदें फेंकनी हैं, चाहे बल्लेबाज कुछ भी करें। लेकिन यहां मुझे एहसास हुआ कि जब भी आप क्रिकेट में ऊंचे स्तर पर पहुंचते हैं तो बल्लेबाजों के दिमाग से खेलना होता है।"

अंडर-19 विश्व कप जीतने और डब्ल्यूपीएल 2023 के बाद पार्श्वी हांगकांग में इमर्जिंग महिला एशिया कप जीतने वाली भारत 'ए' टीम की सदस्य थी।

पार्श्वी अब डब्ल्यूपीएल 2024 में एक बार फिर गेंद से अपना जलवा बिखेरने के लिए तैयारियों में जुट गई हैं।

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IANS News
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