Temba Bavuma & Quinton de Kock Heated Exchange: साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार (29 सितंबर) को वांडरर्स स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में मेजबान टीम ने 32 रन से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 अजेय बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, साउथ अफ्रीका की इस जीत के बीच मुकाबले के आखिरी दौर में एक ऐसा वाकया देखने को मिला, जिसने मैदान का माहौल गर्म कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया की टीम इस मुकाबले में 366 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही थी और आखिरी ओवरों में जेवियर बार्टलेट तेजी से रन बना रहे थे। ऐसे में साउथ अफ्रीका को एक विकेट की सख्त जरूरत थी। पारी के 48वें ओवर में तेज गेंदबाज लिजाड विलियम्स ने बार्टलेट को शानदार यॉर्कर गेंद डाली।
गेंद सीधे बार्टलेट के पैर पर जाकर लगी और वह बल्ले से उसे खेलने में नाकाम रहे। साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट दे दिया। पहली नजर में ऐसा लगा कि गेंद लेग स्टंप के बाहर जा सकती है। विकेट के पीछे खड़े क्विंटन डी कॉक भी इस फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। वहीं गेंदबाज लिजाड विलियम्स को भरोसा था कि गेंद विकेट पर लग रही थी और उन्होंने रिव्यू लेने का इशारा किया।
इसी बीच कप्तान टेम्बा बावुमा ने बिना ज्यादा देर किए डीआरएस लेने का फैसला कर लिया। यही बात डी कॉक को पसंद नहीं आई और वह कप्तान से अपनी नाराजगी जताते नजर आए। देखते ही देखते दोनों के बीच मैदान पर तीखी बहस शुरू हो गई।
डी कॉक को लग रहा था कि गेंद लेग साइड की तरफ जा रही है और ऐसे में रिव्यू लेने का फैसला सही नहीं था। दूसरी तरफ बावुमा रिव्यू के फैसले पर कायम रहे। दोनों के बीच बहस बढ़ती जा रही थी। डी कॉक कुछ देर की बातचीत के बाद वहां से दूर चले गए, लेकिन कुछ ही पल बाद डीआरएस का नतीजा सामने आया और इसने पूरा मामला बदल दिया। गेंद स्टंप्स की लाइन में थी और फील्ड अंपायर का फैसला पलट दिया गया।
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रिव्यू के बाद जेवियर बार्टलेट को एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया गया। यानी जिस फैसले को लेकर डी कॉक कप्तान से बहस कर रहे थे, उसमें आखिरकार बावुमा का फैसला सही साबित हुआ। बार्टलेट 28 गेंदों में 50 रन बनाकर आउट हुए और इसके साथ ऑस्ट्रेलिया की सारी उम्मीदें भी खत्म हो गई। नतीजा यह रहा कि ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 333 रन सिमई गई और साउथ अफ्रीका ने यह मुकाबला 32 रन जीत लिया।