जब से रविचंद्रन अश्विन ने महान कपिल देव के 434 विकेटों के रिकॉर्ड को तोड़ा है, तभी से फैंस के मन में ये सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या वो दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले के 619 विकेट के कीर्तिमान तक पहुंच पाएंंगे या नहीं। अगर आने वाले 4-5 साल अश्विन लगातार टेस्ट क्रिकेट खेलते रहे तो शायद वो ये रिकॉर्ड अपने नाम कर लें लेकिन इसी बीच दिल्ली रणजी टीम के पूर्व क्रिकेटर राजकुमार शर्मा ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे शायद हर क्रिकेट समझेगा।

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कुंबले टेस्ट में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, उनके नाम 619 विकेट दर्ज हैं। ऐसे में एक यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए विराट के बचपन के कोच ने कहा कि अगर अनिल कुंबले के समय में DRS होता तो शायद उनके नाम के आगे 619 विकेट नहीं बल्कि 1000 विकेट लिखे होते। ऐसा उन्होंने इसलिए कहा क्योंकि कई बार अंपायरिंग के फैसले उनके पक्ष में नहीं गए और उनकी गेंदें अक्सर बल्लेबाज़ों के पैड्स पर लगती रहती थी और यही कारण रहा कि वो बदकिस्मत रहे।

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यूट्यूब पोडकास्ट 'खेलनीती' पर बोलते हुए राजकुमार शर्मा ने कहा, "डीआरएस इन दिनों स्पिनरों के लिए एक बहुत बड़ा फायदा है। मेरे समय या निखिल के समय में, अगर गेंद बल्लेबाज के पैड से टकराती थी, जबकि वो फ्रंट फुट पर था, तो अंपायर हमेशा इसे नॉट आउट देता था। लेकिन डीआरएस के कारण काफी चीजें बदल गई हैं और अगर अनिल कुंबले के पास डीआरएस होता, तो वो 1000 से अधिक विकेट लेते।"

आपको बता दें कि हरभजन सिंह और अनिल कुंबले की जोड़ी को भारत के सफलतम स्पिनर्स की लिस्ट में रखा जाता है लेकिन अगर मौजूदा टीम इंडिया को देखें तो रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की जोड़ी शानदार लय में आगे बढ़ रही है ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि आगे आने वाले समय में जब ये दोनों रिटायर होंगे तो कौन सी जोड़ी विकेट लेने के मामले में आगे रहेगी।

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लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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